पेटलावद से हरिश राठौड़ / मनोज पुरोहित की रिपोर्ट
पेटलावद।जी हांआज हमें यह लिखने के लिए मजबूर होना पड़ा है आप सभी जानते हैं कि हमारे भारतवर्ष में इतिहास के समय रियासत कालीन समय में राजा महाराजाओं के द्वारा क्षेत्र में अपनी प्रजा को अपने राज्य में होने वाली गतिविधियों को सूचित करने के लिए मुनादी और ढूंढी पिटवा कर खबर करवाई जाती थी और इस ढूंढी का अर्थ यह होता था कि राज्य में होने वाली गतिविधियों से प्रजा अवगत हो सकें।
आमंत्रण की परंपरा...
वही परंपरा भी रही है कि यदि रियासत या राज्यसभा में कोई उत्सव का कार्यक्रम आयोजित होता था तो उसके लिए विधिवत तरीके से आम जनता या गणमान्य लोगों को निमंत्रण देने का भी परंपरा है। कई जगह तो ऐसे भी उदाहरण मिले हैं जहां पर राजा महाराजाओं ने खुद अपने परिवार के साथ जाकर गणमान्य नागरिकों और विशेष लोगों को निमंत्रण देने की परंपरा रही है। और राजा महाराजाओं के द्वारा दिए जा रहे निमंत्रण से निमंत्रण पाने वाला व्यक्ति अभिभूत हो तथा तथा खुद को गौरवान्वित भी महसूस करता था लेकिनइस रियासत कालीन परंपरा का इस बार नगर की एकमात्र परिषद और जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा इस परंपरा का बखूबी निर्माण करते हुए नगर की जनता और मीडिया कर्मियों को अपमानित करने की प्रक्रिया अपनाई है अपना हे जिसकी चर्चा आज नगर के गली- गली मोहल्ले हो रही है ।
प्रशासन की ओर से निमंत्रण की रही है परंपरा...
वैसे तो जब से देश स्वतंत्र हुआ है तब से 15 अगस्त 26 जनवरी और अन्य देश के पर्व के समय और प्रशासनिक कार्यक्रम की प्रशासन, परिषद, एवं अन्य के द्वारा सभी कार्यक्रमों में नगर के गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों को आमंत्रित करने की परंपरा रही है जिस पर कलेक्टर एवं अनुभाग तथा नगर परिषद स्तर पर नगर परिषद के अध्यक्ष सीएम अप की ओर से आमंत्रण पत्र छुपाकर निमंत्रण देने का परंपरा चली आई है वही राजनीतिक पार्टियों के द्वारा के द्वारा अलग-अलग आमंत्रण पत्र छपाकर गणमान्य नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को भिजवा कर प्रशासनिक कार्य को
आमंत्रण देने परंपरा वर्षो से
निभाई जा रही है।
पिटवा रही ढूंढी परिषद...
लेकिन इस वर्ष भी नगर परिषद के द्वारा पत्रिका छपाकर परिषद का पैसा तो खर्च किया है लेकिन न जाने परिषद को ऐसा क्यों लगा कि आमंत्रण पत्र की जगह क्षेत्र में मुनादी कराना चाहिए इसलिए नगर परिषद के बुद्धिजीवी कर्ता-धर्ता के द्वारा
पूरे पेटलावद नगर में गणमान्य नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को 15 अगस्त के नगर परिषद में आयोजित होने वाले झंडा वंदन के कार्यक्रम के लिए मुनादी के माध्यम से सूचना करवाई जा रही है।
बंद कमरे की बैठक का राज आया समझ में....
उल्लेखनीय है कि 2 दिन पूर्व 15 अगस्त को लेकर नगर परिषद की बैठक हाल में अधिकारी कर्मचारियों और की बैठक आयोजित की गई थी और इस बैठक में भी नगर के गणमान्य नागरिकों और पत्रकारों को दूर रखा गया था। आज इस बैठक का राज खुल कर बाहर आ गया है कि नगर के गणमान्य नागरिकों को बजाएं पत्रिका के मुनादी के माध्यम से बुलाया जाए ।
कचरा वाहन से अनाउंसमेंट...
यही नहीं नगर परिषद ने इस ढूंढी पिटवा ने के लिए जिस अनाउंसमेंट माइक को जिस गाड़ी में लगाया है वह भी नगर के कचरा वाहन मै लगाकर ढूंढी पिटवाई जा रही है।
बच्चे नहीं आएंगे तो लुगदी भी किसके लिए बन रही....
बंद कमरे में महीने में चर्चा का विषय है उल्लेखनीय है कि बैठक में नागरिकों जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों को इसलिए नहीं बुलाया गया क्योंकि कोरोनावायरस के चलते 15 अगस्त पर कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं होना है ।जब कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं होना है तो ऐसे में बच्चों को भी नहीं बुलाया जाएगा जब बच्चों को नहीं बुलाया जाना है तो नगर परिषद के द्वारा किन लोगों के लिए मोटा भाई के घर पर लुगदी की मिठाई बनाई जा रही है बनाई जा रही है ?और कीन लोगों में वितरण होगी ? यह तो कल 15 अगस्त को ही पता चलेगा लेकिन आम जन का यह मानना है कि लुगदी बनाकर इसका खर्च नगर परिषद के खाते में डाल कर मोटा भाई अपना मुंह जरूर मीठा करेंगे।
नगर में उड़ रही परिषद की खील्ली....
ढूंढी के माध्यम से नगर के गणमान्य नागरिकों और मीडिया कर्मियों को आमंत्रण देने के बाद पर नगर के अलग-अलग लोगों के द्वारा अलग-अलग रूप से प्रतिक्रिया दी जा रही है ।
दे जिले के अधिकारी ध्यान....
वही इस बारे में नगर के बुद्धिजीवी वर्ग का यह मानना है कि नगर परिषद के द्वारा इस प्रकार मुनादी करवाकर जैसे नगर के गणमान्य नागरिक को जबरन कार्यक्रम में आने के लिए बंदिश से बांधा जा रहा है ।नगर के गणमान्य नागरिकों का एक तरह से सीधा सीधा अपमान किया जा रहा है। जिसकीपूरे नगर में प्रतिक्रिया हो रही है। वही नगर के नागरिकों के द्वारा जिले के जिम्मेदार अधिकारियों को परिषद और क्षेत्र के कर्ताधर्ता अधिकारियों की इस प्रकार मुनादी करने के संबंध में जिला स्तर के अधिकारियों को ध्यान देने की बात कही जा रही है।
और लोग मजे लेकर कर रहे हैं कि गणमान्य नागरिक हाजिर हो







