पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट
पेटलावद। एक तरफ जहां देश के प्रधानमंत्री के द्वारा स्वच्छता अभियान को एक मुहिम के रूप में चलाया जा रहा है और स्वच्छता अभियान के तहत केंद्र सरकार सहित राज्य सरकार के द्वारा लाखों करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं और स्वच्छता को लेकर कई प्रकार की कैंपेनिंग भी की जा रही है।
सरकार की योजनाओं को क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सरकारी अमले की....
सरकार के द्वारा बनाई गई योजनाओं को अमलीजामा पहनाने और मूर्त रूप देने का काम सरकारी कर्मचारियों का होता है लेकिन ऐसा लगता है कि पेटलावद क्षेत्र के सरकारी कर्मचारी सिर्फ रस्म अदायगी का काम करने में विश्वास रखते हैं अन्यथा सरकारी कार्यालयों के आसपास ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि सरकार के दिशा निर्देशों का उज्जवल प्रमाण देखने को मिले और जनता जनार्दन इनसे सीख ले ।
कार्यालय आसपास गंदगी....
लेकिन पेटलावद छेत्र के सबसे बड़े कार्यालय तहसील कार्यालय और एसडीएम कार्यालय के आसपास गंदगी का अंबार देखने को मिलता है । जिसके जिला तूफान इन फोटो से सिद्ध हो रहे हैं। वही कई लोगों बाहर से आने वाले हैं उनको मुत्रालयकी भी सुविधा नहीं होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और रोड पार करके दुर जाना पड़ता है ।
कई लोग इन कार्यालयों के आसपासके गंदगी करते हुए देखे जा सकते हैं जब सरकारी अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्यालय में ही साफ सफाई और स्वच्छता नहीं रख पा रहे हैं उनसे पूरी नगर और पूरे क्षेत्र में सफाई और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में क्या आस रखी जाए।
नगर की समस्या पर भी नहीं देते ध्यान.....
वहीं यदि नगर की बात करें तो नगर में गंदगी और कीचड़ से पूरा नगर पसरा हुआ है नगर की विभिन्न प्रकार की समस्याओं को लेकर आए दिन मीडिया के द्वारा खबरें प्रकाशित की जाती है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी न तो इन खबरों पर कोई ध्यान देते हैं और ना ही संबंधित जिम्मेदार संस्थाओं पर भी कोई कार्रवाई करना चाहते हैं ऐसी स्थिति में पेटलावद क्षेत्र की जनता अधिकारी और कर्मचारियों के काम न करने की शैली के चलते यातना भोगने को मजबूर हैं ।

