पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट
पेटलावद ।झाबुआ जिले की सबसे बड़ी तहसील का दर्जा पेटलावद को प्राप्त है, वही पूरे जिले की सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक, राजधानी के रूप में पेटलावद के न्ना सिर्फ जिले में बल्कि भोपाल तक अपनी पहचान बना रखी है।
लगातार विकसित होता क्षेत्र....
पेटलावद क्षेत्र जोकि धीरे-धीरे विकसित होने के साथ ही साथ चारों तरफ से अलग-अलग राज्यों गुजरात, राजस्थान व बड़े शहरों की सीमाओं से जुड़ा हुआ है इस क्षेत्र में जैसे-जैसे विकास हो रहा है इस क्षेत्र की समस्याएं भी बढ़ती जा रही है ।
स्थानीय समस्याये.....
बात करें यदि पेटलावद नगर की आम जनता नगर की स्थानीय समस्याओं से लेकर परेशान है नगर की प्रमुख समस्याओं में पंपावती नदी का आसपास अतिक्रमण व गन्दगी का अंबार, ट्रेचिंग ग्राउण्ड पर फैली गंदगी,अंदरूनी मार्गो पर फैला कीचड़ और गड्ढे, आरो पाइपलाइन की समस्या, वर्षों से बने हुए स्लाटर हाउस आज भी लाखो रुपये खर्च करने के बाद भी बंद पड़े हुए, ओर सार्वजनिक बाजारों में खुलेआम माँस मछली का विक्रय,सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण, नगर परिषद के द्वारा बनाई गई दुकानों में भ्र्ष्टाचार, दो बार लाखो रुपये खर्च कर बेशकीमती सरकारी जमीन पर बनी सब्जी मंडी की दुकानों पर अब तक मंडी का चालू नहीं होना, नगर की बिगड़ी यातायात व्यवस्था मुख्य मार्गों पर रोड पर दुकान लगा कर बैठे सब्जी व फल विक्रेता, सरकारी बिल्डिंगों पर लोगों का अवैध अतिक्रमण, भू माफियाओं ने कृषि की जमीनों को करोड़ों रुपए में खरीद कर अवैध कालोनियां काटना, दलालों के द्वारा लोगों को मूर्ख बनाना ,और साथ ही साथ क्षेत्र में कई बड़े घपले और कांड हो चुके हैं जिनकी प्रत आज भी खुलना बाकी है। वही अस्पताल में संसाधनों की कमी, सरकारी दवाओं का नही मिलना आदि।
ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याये....
यह तो हुई नगर की समस्याएं वही बात करें ग्रामीण क्षेत्रों की तो पेटलावद के अलावा आसपास की बड़ी पंचायत रायपुरिया, झकनावदा ,सारंगी, बामणिया करवड़, करडावद, मोहनकोट, जामली भी विकसित होते जा रहे हैं इन क्षेत्रों सहित ग्रामो की समस्याएं भी अपनी जगह है यहां पर लोगों के द्वारा जहां सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण किया जा रहा है, नहरों में पानी की समस्याएं हैं, ग्रामीणों को राशन समय पर नहीं मिलता है, तालाबों एवं मजदूरी के निर्माण कार्य में घपले, पंचायत से जुड़े जिम्मेदारो का अपने लोगों तथा ठेकेदारों के साथ मिलकर निर्माण कार्य करना गोचर की भूमियों पर अतिक्रमण करना ,नल जल योजना , के मनरेगा के कामों में भ्रष्टाचार पंचायत सरपंच सचिवों की मनमानी और फर्जी मस्टर के आधार पर पैसा निकालने, मशीनों से निर्माण, जैसी कई बड़ी समस्याओं के अलावा सरकारी जमीनों को लेकर विवाद, जैसी गंभीर समस्याएं ग्रामीण क्षेत्रों से भी निकल कर आ रही है।
उठती है आवाजे....
इन समस्याओं को लेकर जहां लगातार पेटलावद क्षेत्र की मीडिया और खबर नवीसों के द्वारा समय-समय पर खबरें चलाकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया जाता है ।
वहीं कई प्रकार के संगठनों के द्वारा भी और खुद जनता के द्वारा भी शिकायतें लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के पास पहुंचने का क्रम जारी रहता है वहीं कई लोगों के द्वारा शिकायतों के लिए बने सरकारी पोर्टल सीएम ऑनलाइन 181 , व 100 डायल आदि पर भी अपनी शिकायतें और समस्याएं बताई जा रही है ।
सन्तुष्टिकारक निराकरण नही...
इन शिकायतों पर कई बार प्रशासनिक अधिकारी कार्रवाई के नाम पर मौके पर पहुंचकर जांच तो करते हैं लेकिन उन कार्यों पर आगे क्या परिणाम निकला और आवेदक या शिकायतकर्ता की शिकायत को किस प्रकार से निराकृत किया इसका कोई रेकॉर्ड स्सामने नही आता है या यूं कहें कि शिकायतों ओर समस्याओं का कोई ठोस निराकरण नही होने से आमजन लगातार परेशान होते रहते है।
ग्रामीणों में कलेक्टर ने लाये जाग्रति....
झाबुआ जिले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा कोरोना काल की विपरीत परिस्थितियों से निपटने के लिए जुझारू एवं युवा कलेक्टर के रूप में सोमेष मिश्रा को अप्रैल माह में पदस्थ किया था ,ओर कलेक्टर मिश्रा के द्वारा कोरोना काल में विपरीत परिस्थितियों में आमजन के साथ सामाजिक सहयोग बिठाकर जिस प्रकार से कोरोना की विपरीत परिस्थितियों में काम करते हुए पूरे झाबुआ जिले को सुरक्षित रखा गया है और साथी कोरोना के नियंत्रण के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीनेशन को लेकर जो जन जागृति अभियान चलाकर कलेक्टर मिश्रा के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों में फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए व्यक्ति नेशन के लिए माहौल तैयार किया गया है उससे झाबुआ के आदिवासी अंचल क्षेत्र में कलेक्टर के प्रति ग्रामीण क्षेत्रों में विश्वास बढ़ा है और जन जागृति अभियान को कलेक्टर मिश्रा के द्वारा सफल बनाया है।
सीएम के भरोसे पर उतरे है खरे.....
और कलेक्टर मिश्रा की कार्यप्रणाली से ना सिर्फ क्षेत्र के रहवासी खुश है वही प्रशानिक कसावट भी हुई जिसके चलते कलेक्टर के कार्यों स्वयं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा भी झाबुआ कलेक्टर के कार्यों के लिए प्रशंसा की है ! और अमित मिश्रा मुख्यमंत्री चौहान के भी भरोसे पर खरे उतरे हैं।
क्षेत्रवासियों को भी आस.....
कलेक्टर सोमेश मिश्रा के द्वारा किए कार्यो से जिले में सकारात्मक माहौल है । वही झाबुआ की सबसे बड़ी तहसील होने के नाते पेटलावद क्षेत्र के रहवासियों को भी झाबुआ जिले कलेक्टर से क्षेत्र की समस्याओं के निराकरण की आस जाग उठी है। इसीलिए पेटलावद क्षेत्र के नगर वासियों के द्वारा लगातार चौराहों एवं सोशल मीडिया आदि पर चर्चा करते हुए यह मांग की जा रही है कि पेटलावद क्षेत्र की एवं तहसील की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इन समस्याओं के निराकरण को करने के लिए मॉनिटरिंग करते हुए जिला कलेक्टर कम से कम महीने में एक बार पेटलावद क्षेत्र का दौरा अवश्य करें और इस क्षेत्र की समस्याओं को त्वरित गति से निपटाए साथ ही उठ रही समस्याओं का पूरा निराकरण होकर आवेदक सन्तुष्ट हो इसके लिये प्रसाह्निक कसावट ओर सकारात्मक माहौल बनाने के साथ मामलो कि मामिटरिंग करे। जिससे लगातार विकसित हो रहे पेटलावद क्षेत्र की जनता कि समस्याओं का निराकरण हो सके। ओर सरकार का सुशासन का सपना साकार हो सके।
