पेटलावद से अनिल मुथा की रिपोर्ट
झाबुआ| नैशनल हाइवे 47 इंदौर-अहमदाबाद जिस पर प्रतिदिन इस मार्ग से हजारों वाहनों की आवाजाही रहती है, यह वही मार्ग है जो मध्यप्रदेश को गुजरात से जोडता हे । लेकीन झाबुआ जिले से गुजरते हुए जिम्मेदारो की अनदेखी के चलते अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है और यात्रियों ओर वाहन चालको को परेशानी व दुख भोगने के साथ ही साथ जान पर भी बन आयी है ।
*गड्डे ही गड्ढे.....*
यह मार्ग झाबुआ जिला मुख्यालय से सटा फूलमाल व पिटोल के बीच में मार्ग अधूरा होने से इस बारिश में गड्ढों में तब्दील हो चुका है। गड्ढे हो जाने से इस मार्ग पर दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है लेकिन जिम्मेदारों ने अभी तक कुछ सुध नहीं ली है। लगभग एक माह पूर्व भूसे से भरा ट्रक इन गड्ढों के चलते पलटी खा गया था, जिसके बाद जिम्मेदारों ने गड्ढों में मिट्टी से भर दिया था एवं बारिश के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर गया जिसे इस स्थान पर पानी रोको अभियान की सार्थकता नजर आ रही है। इस मार्ग पर हजारों वाहन प्रतिदिन निकलते हैं तो रात्रि पर इस स्थान पर दुर्घटना के साथ साथ इन गड्ढों के चलते वाहनों की स्पीड कम होने से चोरी-लूट का भय भी बन रहता है।
*ध्यान देने की जरुरत.....*
प्रशासन को चाहिए कि वे इस फोरलेन के अधूरे पड़े कार्य को त्वरित करवाए ताकि राहगीरों व वाहन चालकों को इस परेशानी से निजात मिल सके।

