पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट
पेटलावद| अपने मनपसंद इच्छित वर की प्राप्ति एवं अपने पति के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना के लिए महिलाओं के द्वारा बुधवार को हरतालिका तीज का पर्व धूमधाम एवं धर्म तथा आस्था के साथ मनाया|
रखती है व्रत....
हरतालिका तीज का पावन त्यौहार सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष होता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और फिर अगले दिन पूजा के बाद इस व्रत का पारण किया जाता है। वैसे तो साल में चार तीज आती हैं लेकिन उन सभी में हरतालिका तीज का सबसे अधिक महत्व माना जाता है।इस व्रत को कुंवारी लड़कियों द्वारा भी अच्छे वर की प्राप्ति के लिए रखा जाता है। इसके लिए मां पार्वती की सुहाग सामग्री जैसे मेहंदी, चूड़ी, बिछिया, काजल, बिंदी, कुमकुम, सिंदूर, कंघी, माहौर, सुहाग की पिटारी को लेकर थाली में सजाकर भगवान शिव पर चढ़ाती है।
कथा श्रवण कर किया पूजन....
बुधवार को इस पर्व को हरतालिका तीज के रुप में मनाते हुए सभी वर्ग की महिलाओं के द्वारा सुबह से ही नगर के नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर, शनिदेव मन्दिर स्थित पातालेश्वर मंदिर, भेरू चौक स्थित पिपलेश्वर महादेव मंदिर ,राम मोहल्ला स्थित श्रीराम मंदिर राजापुरा स्थित तेजाजी मंदिर फूटा मन्दिर स्थित सहित विभिन्न शिव मंदिरों पर महिलाओं के द्वारा सुबह से ही पूजन की विशेष सामग्री साथ ले जाकर भगवान भोलेनाथ माता पार्वती, और शिव परिवार का विशेष रूप से अभिषेक पूजन अर्चन करते हुए कथा श्रवण करने के उपरांत महिलाओं के द्वारा मंदिरों में दर्शन किए गए और भगवान की विशेष आरती भी उतारी गई ।
पूरी रात हुए भजन कीर्तन....
पूरी रात महिलाओं के द्वारा भजनों और मधुर गीत संगीत के साथकीर्तन कर पूरी रात भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करते हुए सुबह सुबह सूर्योदय से पूर्व व्रत का पूर्णाहुति करते हुए आरती उतारकर प्रसादी का वितरण किया गया।
हरतालिका तीज पर पूजा-अर्चना की गई
