पेटलावद से हरिश राठौड़ /मनोज पुरोहित की रिपोर्ट
पेटलावद बालोद्यान के मामले में एक बार फिर नया मोड़ शिकायतकर्ताओं ने एसडीएम के सामने ऐसे सबूत रखें जिन्हें एसडीएम शिसिर गेमावत ने मान्य करते हुए नगर परिषद को सात बिंदुओं का स्पष्टीकरण पत्र भेजा जिसकी भाषा बहुत कड़क है
एसडीएम के सामने भी खुली पोल....
एसडीएम शिसिर गेमावत के सामने भी झूठे साबित हुए नगर परिषद के दावे । नगर परिषद ने बालोद्यान को लेकर एसडीएम को जानकारी दी थी कि बालोद्यान को लेकर कोई प्रकरण नहीं चल रहा है किंतु शिकायतकर्ता हरीश राठौड़ और वीरेंद्र भट्ट ने इसके सबूत एस डी एम के सामने पेश किए के बालोद्यान का मामला आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) में चल रहा है
सीएमओ को कठोर चेतावनी....
जिसको आधार बना कर एसडीएम ने सात बिंदुओं का स्पष्टीकरण सूचना पत्र नगर परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी को दिया और कठोर चेतावनी भी दी कि जल्द ही इस मामले में स्पष्ट प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए और बिना राजस्व विभाग की अनुमति के इस भूमि पर किसी प्रकार का कोई कार्य नहीं किया जाए
एसडीएम ने अपने पत्र में यहां तक स्पष्ट किया है कि वरिष्ठ के आदेश की अवहेलना या लापरवाही या उदासीनता बरती गई तो दंडात्मक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी
47 लाख रूपये की हेराफेरी...
बालोद्यान को लेकर नगर परिषद द्वारा 47 लाख रूपये वर्ष 2001 से 2003 के बीच खर्च किये गये थे । इस राशि से बालोद्यान का निर्माण व झूले ,चकरी, बेबी ट्रेन सहित अन्य सामान की खरीदी बताई गई किंतु आज मौके पर कुछ भी नहीं है जिसे लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा गया है की राशि का भुगतान कब कैसे और किसने किया गया तथा आज सामग्री की क्या स्थिति है
47 लाख का बालोद्यान 47 सेंकड के लिए नहीं खुला....
एसडीएम श्री गेमावत ने स्पष्टीकरण पत्र में यह भी पूछा कि बालोद्यान कब पूर्ण हुआ और कब जनता के लिए खोला गया और कितने समय के लिए यह बालोद्यान जनता के उपयोग में आया है ?
इस बात का जवाब पेटलावद का बच्चा बच्चा जानता है से 47 लाख रूपये खर्च करने के बावजूद भी 47 सेकेंड के लिए बालोद्यान नहीं खुला
जनता की मांग के विपरीत प्रयोजन परिवर्तन क्यो?.....
स्पष्टीकरण पत्र में यह भी पूछा गया है कि नगर में एक भी बालोद्यान नहीं होना व जनता के द्वारा बार बार बालोद्यान की मांग किए जाने के बाद भी जिस बालोद्यान में कुछ संसाधन लगे हुए हैं उसे नगर परिषद व्यावसायिक प्रयोजन के रूप में परिवर्तित क्यों करना चाहती है ?
