थांदला से इमरान खान की रिपोर्ट
थांदला झाबुआ पश्चिमी मध्यप्रदेश के रतलाम, झाबुआ, धार, देवास और खरगोन के आदिवासियों ने पेटलावद तहसील के कसारवड़ी गांव के उनालुपाडा फलिए में जय आदिवासी युवा संगठन के विस्तार के संबंध में बैठक की, अलग अलग जिलों से आए भील युवाओं में से खरगोन के जितेंद्र भील ने बताया कि भील आदिवासी बहुत दबे हुए है और भील प्रदेश आंदोलन के साथ हमें सहयोग करना होगा, वहीं देवास से आए रवि गामड़ भील ने बताया कि पशिमी मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में भील आदिवासी सीमित संख्या में रहते हैं जय आदिवासी युवा संगठन को प्रताड़ित भीलों तक पहुंचना होगा पेटलावद के संदीप वसुनिया ने बताया कि जय आदिवासी युवा संगठन के युवाओं को किसी अन्य संगठन के खिलाफ टीका टिप्पणी से बचते हुए भीलों के लिए संघर्ष को तेज करना होगा! भील आदिवासियों के लिए जय आदिवासी युवा संगठन की स्थापना करने वाले कमलेश्वर डोडियार भील ने बताया कि भीलों की अपनी समस्याएं है और अपने मुद्दे है, हमें अपने खूनी रिश्ते को समझते हुए हर भील आदिवासी के जीवन को आसान बनाना है साहस और संबल देते हुए सामान्य कानूनों और संवैधानिक हकों के प्रति जागरूक करने के साथ युवाओं को सामाजिक स्तर पर रोजगार से जोड़ना होगा, आगे डोडियार भील ने बताया कि हम कड़े अनुशासन के साथ हर भील आदिवासी को कानून के प्रति सचेत करेंगे और हर लड़ाई को संवैधानिक तरीके से लड़कर अंजाम तक पहुंचाएंगे ताकि भील आदिवासी निडर, निर्भीक और सशक्त बन सके संगठन स्थापना एवं प्रदेश विस्तार बैठक में सैकड़ों लोग उपस्थित हुए!
रतलाम से कमलेश्वर डोडियार भील सर्वसहमति से संस्थापक अध्यक्ष नियुक्त हुए वहीं झाबुआ जिले के थांदला से मांगू सिंगाड़ प्रदेश सचिव, और पेटलावद से संदीप वसुनिया कोषाध्यक्ष के पद पर चुने गए रतलाम से विक्रम चारेल, विनीत भाभर, रमेश खराड़ी, केशुराम निनामा, झाबुआ के धर्मेन्द्र डामर, इश्वर गरवाल, मुकेश भाभर, योगेश कटारा हिम्मत सिंगाड दिनेश कटारा बंटी सिंगाड कालुसिंह गामड़ और धार से मिटू डामर, प्रकाश भूरिया, रामेश्वर माल आदि बड़ी संख्या में मौजूद थे!
*संयुक्त रूप से जारी*
1) कमलेश्वर डोडियार भील, रतलाम
2)जीतेंन्द्र असलकर भील, खरगोन
3)रवि गामड़ भील, देवास
4) धर्मेन्द्र डामर भील, झाबुआ
5) संदीप वसुनिया भील, पेटलावद
6)मांगू सिंगाड भील, थांदला
7) प्रकाश भूरिया भील, धार आदि
