जनता के टेक्स से दे रहे अपने परिजनों को तनख्वाह ओर योजनाओ का लाभ..... नप केजनप्रतिनिधियों ने किया पद का दरुपयोग, जांच के लिए भंडारी ने दिया कलेक्टर को आवेदन...... जिनको करनी थी जनता की मदद ,भर रहे खुद का ही घर , ऐसे ही हमारे माननीय......

 



पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट


पेटलावद। देश के कानून में इस प्रकार की व्यवस्था है कि  जनता के मत से निर्वाचित होकर निर्वाचित जनप्रतिनिधि बनता है उनके लिए दिशा निर्देश और नियम कानून बनाते हुए जनप्रतिनिधियों को अपने या अपने परिवार के सदस्यों को किसी भी प्रकार का लाभ या सहयोग अथवा जनकल्याणकारी किसी योजना का लाभ नहीं दिलवाया जा सकता। यदि कोई जनप्रतिनिधि अपने पद पर रहते हुए अपने परिवार के किसी सदस्य को संहयोग या लाभ दिलाता है तो इस प्रकार के जनप्रतिनिधि जो कि लाभ के पद का दुरुपयोग करते हैं ऐसे जनप्रतिनिधियों को नियमानुसार उनके पद से हटाने की व्यवस्था देश के कानूनों में है ।


जनता बाद में पहले खुद ओर परिवार....


लेकिन जनप्रतिनिधि जो कि अपने आप को जनता से ऊपर मानता है और सारे सुख सुविधाओं का उपयोग उपयोग करना चाहता है खुद और अपने परिवार को सारी सुविधाएं देना चाहता है जिसके लिए सारे नियमों को ताक पर भी रखने को आज के अधिकांश जनप्रतिनिधि तैयार रहते हैं। ओर जनता के दुःख दर्द का  कोई असर भी इन माननीयो पर नही होता।



नप के माननीयो ने चला रखा परिवारबाद....


 ऐसे ही हमारे पेटलावद नगर परिषद के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों ने भी एक ऐसा ही कारनामा करके दिखाया है हम बात कर रहे हैं । पेटलावद नगर परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित निर्वाचित 09  पार्षदों की जिनमें से अधिकांश लोगों ने पिछले कई महीनों से अपने परिवार के सदस्यों को सरकारी नौकरी में नगर परिषद में लगा रखा है और इन लोगों को हजारों रुपए की तनख्वा का भुगतान करते हुए सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जाता है । वही कई सरकारी योजनाओं का लाभ भी अपने परिजनों को देकर लाभ के पद का दुरुपयोग किया है।


नगरवासियों से छलावा....

उल्लेखनीय है कि इन माननीयो के द्वारा नगर की जनता के द्वारा परिषद में दिये जारहे टेक्स से  अपने परिजनों को तंख्वाह दी जारही है, वही जिन सरकारी योजनाओं पर पहले नगर की  पात्र जनता का हक था उसे छीनकर अपने परिजनों को उपकृत कर नगरवासियों से छलावा भी किया है। 


आरटीआई में सूची आयी सामने....


 इस पूरे मामले का खुलासा हुआ हैजिसमे नप के द्वारा अपने स्टाफ ओर कर्मचारियों को दिए जा रहे वेतन की लिस्ट जो कि आरटीआई से मिली है उस पर से हुई है।


मामला  पहुचा कलेक्टर तक.....


 और इस पूरे मामले की जांच के लिए पेटलावद क्षेत्र के जुझारू नेता,  एवं पूर्व पार्षद तथा   पूर्व उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार भंडारी के द्वारा लिखित में एक शिकायत जिला कलेक्टर सोमेश मिश्रा को पिछले दिनों   की गई है। 


जांच के आदेश.... 

कलेक्टर सोमेश मिश्रा के द्वारा पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।


पद का किया दुरुपयोग......


 उल्लेखनीय है कि पेटलावद के अध्यक्ष ,उपाध्यक्ष सहित पेटलावद के लगभग 9 से अधिक पार्षदों के परिजनों को इस सूची में शामिल करते हुए उन्हें प्रतिमाह तनख्वाह दी जा रही है । वहीं कई परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना एवं कई विभिन्न योजनाओं का लाभ भी नगर परिषद के द्वारा दिया जा रहा है । जो कि जनप्रतिनिधियों के लिए बने नियमो का सीधा उलघ्न है ।


*इनका है कहना*


परिषद के लोगों ने अपने परिजनों को फायदा पहुचाकर अपने पद का दुरूपयोग किया है, आवेदन कलेक्टर महोदय को  सोपा हे, मेरी लड़ाई भ्र्ष्टाचार के खिलाफ जारी रहेगी।


     सुरेंद्र कुमार भण्डारी, पूर्व व वरिष्ठ पार्षद पेटलावद....



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