पेटलावद से अनिल मुथा की रिपोर्ट
पेटलावद । देश की सरकार के द्वारा किसानों के हितों के लिए कई प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है। जिसमेंकिसानों की उपज का सही मूल्य टमाटर मिर्ची सब्जियों का एक मूल्य निर्धारित करने संबंधित योजना भी किसानों के लिए चलाई जा रही है ।लेकिन योजना किसानों के लिए कम उससे जुड़े हुए विभाग अधिकारी और संबंधित यंत्र सब्सिडी जो बेचता है वही मालामाल हो रहा है किसानों के लिए सब्सिडी नाम रह गई है ।
सौंपा मांग का ज्ञापन....
किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर पेटलावद क्षेत्र के ग्राम बनी सहित आसपास के कई किसानों के द्वारा जिला कलेक्टर सोमेश मिश्रा एवं एसडीएम शिशिर सरगम गेमावत को किसानों की समस्या एवं मुआवजा तथा पाइपलाइन खुदाई के बाद जमीन का मुआवजा दिए जाने संबंधी मांग का ज्ञापन सौंपा।
यह रखी किसानों ने मांगे....
किसानों के द्वारा मैं मांग करते हुए बताया कि झाबुआ जिला टमाटर मिर्ची सब्जी सोयाबीन लहसन प्याज किसी की भी फसल का न्यूतम समर्थन मूल्य सिर्फ कागजों तक सीमित है वास्तविक किसानों को लागत के हिसाब से गत में धकेलते जा रही है आज किसानों की फसल लहलरहा रही है उसके पीछे किसानों की मेहनत है और साथ ही उपयोगी हर वस्तु दवाई खाद मजदूरी हर क्षेत्र में मंगाई के कारण लागत भी बढ़ रही है उसके हिसाब से किसानों की फसलों का दाम नहीं मिल पा रहा है किसानों को खाद बीज के भाव हर वक्त बढ़ते क्रम में रहे हैं और आज भी बढ़ रहे हैं उस हिसाब से फसलों के दाम में बढ़ोतरी की मांग करते
बीमा योजना का मिले लाभ...
हमारा झाबुआ जिला बहुत पिछड़े क्षेत्र में आता है और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जो किसानों के लिए बोनी से लेकर कटाई तक और मंडी तक ले जाने तक बीमा प्रावधान है लेकिन क्षेत्र में वह योजना सिर्फ कागजों तक ही सीमित है किसानों को वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा है जिससे भारत सरकार की छवि धूमिल हो रही है।
पाइपलाइन खुदाई का भी मिले मिले मुआवजा....
क्षेत्र में गैस पाइपलाइन का कार्य होता रहता है और अभी हमारे क्षेत्र के कांडला गोरख कर एलपीजी गैस पाइपलाइन आई एच बी एल इंदौर द्वारा पेट्रोलियम एवं खनिज गैस पाइपलाइन है निकाली जा रही है उस परियोजना में किसानों के साथ संबंधित पाइपलाइन विभाग द्वारा किसानों की जमीन पर मुआवजा घोषित किए खुदाई कार्य के लिए दबाव बनाया जा रहा है किसानों की मांग है कि इस पाइपलाइन खुदा इनका भी किसानों की जमीन का मुआवजा सरकार की ओर से दिया जाना चाहिए।
फसलों की बुवाई में आ रहा अधिक खर्च....
इस वक्त किसानों ने टमाटर मिर्ची सोयाबीन लगा रखी है जिसमें लाखों का खर्च कर रखा है किसानों को पाइप लाइन संबंधित विरोध नहीं सिर्फ उचित मुआवजा 40000 प्रति आरा 1640,000 रू प्रति विघा दिया जावे और उसमें किसानों दूध बवेले बोरवेल आम कर हल जो कि खेत पर है उसका उचित मुआवजा दिया जावे ।साथ ही जमीन किसानों की यथावत सुधारकर किसानों को लोटाई जाये।
उल्लेखनीय है कि इस समय किसानों की फसलें खेतों में खड़ी है और किसानों को फसलों का नुकसान नहीं हो जा दिलवा जाने के लिए किसानों के द्वारा सरकार से अपनी बात मांग के माध्यम से रखी जा रही है।
