पेटलावद मनोज पुरोहित / हरीश राठौर की रिपोर्ट
पेटलावद। नगर में लगभग 4 वर्षो से आरओ पानी के लिए पाइप लाइन डालने का कार्य किया जा रहा है, इस दौरान कार्य करने वाली पिसी स्नेहल कम्पनी अपने कार्यो को लेकर विवादों में भी रही है। अनुबंध की शर्तों के विपरीत जाकर पिसी स्नेहल कम्पनी ने कार्य किया जिसको लेकर नागरिकों ओर कम्पनी के कर्मचारियों के बीच भी विवाद की स्थिति निर्मित हुई।
*समयसीमा भी हुई पूरी*
वही पाइप लाइन बिछाने की समय सीमा भी पूर्ण हो चुकी है, किन्तु अभी तक कम्पनी की ओर से कार्य को अंतिम रूप नही दिया गया है 4 वर्ष से अधिक का समय होने और लाखों रुपए खर्च करने के बावजूद भी कंपनी और नगर परिषद के जिम्मेदारो की मिलीभगत और मेहरबानी से भ्रष्टाचार का एक नए आयाम लिखने का प्रयास भी किया जा रहा है।
*2000 से अधिक लोग अब भी वंचित योजना से*
उल्लेखनीय है कि पेटलावद के दो बड़े वार्ड जिसमें राममोहल्ला और तलाबपाड़ा स्थित है जिसमें लगभग 400 से अधिक घर है और दोनों वार्डो की जनसंख्या मिलाकर लगभग 2000 के आसपास है । इतने बड़े वार्ड और रहवासियों के लिए नगर परिषद के द्वारा आरओ की पाइप लाइन बिछाने का काम नहीं किया गया है। नगर के वार्ड क्रमांक 13 में तेजाजी मंदिर तक आरओ पीसीएल कंपनी के सदस्यों के द्वारा हुसैनी चौक से पुरानी पाइप लाइन में आरओ की पाइप लाइन जोड़कर आरओ का पानी वितरण करने का प्रयास किया जा रहा है।
*राशि डकारने की तैयारी*
उल्लेखनीय है कि कंपनी को परिषद ओर शासन के द्वारा पूरे पेटलावद में नई पाइप लाइन बिछाने का भुगतान किया जाना है, यदि ऐसी स्थिति में पुरानी पाइप लाइन से नई पाइप लाइन को जोड़ दिया जाता है तो नई पाइप लाइन का जितना भी पैसा जो कि लगभग 6 से 7 लाख बनता है, वह नगर परिषद और कंपनी के लोग मिलजुलकर आपस में बंदरबांट कर लेंगे और रहवासियों को टूटी फूटी पाइप लाइन से मिलने वाले पानी की समस्या आजीवन रहेगी,
*नई पाईप लाइन बिछाने की मांग*
इसलिए नगर के राजापूरा, राम मोहल्ला और तालावपाड़ा के लोगों के द्वारा प्रशासन से इस मामले में नई पाइप लाइन बिछाकर पेयजल सप्लाई की मांग की जा रही है। वही इस वार्ड के दरवाजों के द्वारा नगर परिषद पर सौतेला व्यवहार करने का भी आरोप लगाया जा रहा है|
*घटिया मीटर लगा रहे*
वहीं इस पूरे मामले में एक और समस्या आ रही है कि जिन वार्डों में कंपनी के द्वारा आरओ की पाइप लाइन बिछाई गई है, वहां पर पानी की चेकिंग, माप रीडिंग और सप्लाई व्यवस्था के लिए कंपनी की ओर से मीटर लगाए जा रहे हैं। मीटर की क्वालिटी पहले से ही घटिया किस्म की है कंपनी के द्वारा गलत तरीके से नालियों के पास एवं होटलों पर लगाया जा रहा है जिससे नगर वासियों में आक्रोश भी है।
*रोका वार्ड वासियों ने*
इस पूरे मामले में नगर के वार्ड क्रमांक 5 और के रहवासियों संजय जे भंडारी ,अशोक जैन, सेलेष, शुभम , प्रदीप बाफना द्वारा बताया गया कि कंपनी के कर्मचारियों द्वारा गलत तरीके से मीटर लगाए जा रहे थे जिसके चलते वार्ड वासियों के द्वारा इन मीटरों को अपने घरों पर लगाने से विरोध करते हुए रोक दिया गया है।
*घटिया क्वालिटी ओर दुर्घटना का भय*
इस पूरे मामले में पेटलावद के *पूर्व पार्षद राकेश मांडोत* के द्वारा जानकारी देते हुए बताया की आरओ के मीटरों की गुणवत्ता घटिया है, साथ ही कंपनी के द्वारा जो मीटर लगाए जा रहे हैं वह घर के आंगन में ओटले के पास ही लगाए जा रहे हैं, जो कि गलत है जिससे वह किसी भी समय क्षतिग्रस्त होकर टूट सकते है। जिससे दुर्घटना होने का भी अंदेशा है।
*लगे सुरक्षा मानकों के साथ*
इसी संदर्भ में पेटलावद के निवासी *अशोक जैन झाड़मता* के द्वारा भी बताया गया कि आरओ कंपनी के द्वारा जो मीटर लगाए जा रहे हैं उन मीटरों से पानी की सप्लाई की व्यवस्था और माप किस प्रकार से किया जाएगा यह तो जांच का विषय है लेकिन कंपनी के द्वारा लगाए जा रहे मीटर सही जगह पर नहीं लगाए जाने से चोरी, टूटने पर फिर से लगवाने का चार्ज उपभोक्ता से वसूला जाएगा, बल्कि कम्पनी को मीटर इस प्रकार से लगाना चाहिये ताकि वे सुरक्षित रहै।
*कर रही सौतेला व्यवहार* इस संबंध में *वार्ड नंबर 15 तालापाड़ा के रहवासी धनराज राठौड़*
के द्वारा नगर परिषद पर आरोप लगाते हुए बताया कि नगर परिषद के द्वारा गरीब क्षेत्र के रहवासियों के साथ सौतेला व्यवहार करते हुए पुरानी पाइप लाइन में नई पाइप लाइन जोड़कर पानी वितरण की व्यवस्था की जा रही है जो कि सरकारी नियमों का उल्लंघन होकर गरीबों के साथ पक्षपात किया जा रहा है!
*में वार्ड वासियों के साथ*
इस संबंध में *वार्ड क्रमांक 5 के पार्षद कमलेश लाला चौधरी* के द्वारा बताया कि कंपनी के ठेकेदारों द्वारा गलत तरीके से घटिया किस्म के मीटर लगाए जा रहे थे ।वार्ड वासियों के द्वारा विरोध किया गया है मैं वार्ड वासियों के साथ में हूं। जब तक अच्छी क्वालिटी के मीटर सही तरीके से नहीं लगाए जाते हैं काम नहीं करने दिया जाएगा।
*नहीं किया जाएगा भुगतान*
इस पूरे मामले में नगर परिषद के सीएमओ मनोज कुमार शर्मा के द्वारा बताया गया कि कंपनी के द्वारा जब तक पूरी पाइपलाइन का काम सही तरीके से नहीं कर दिया जाता और बचे हुए वार्डो में पाइप लाइन नहीं बिछाई जाती तब तक कंपनी का भुगतान नहीं किया जाएगा और नहीं एनओसी जारी की जाएगी।
