थांदला से इमरान खान की रिपोर्ट
थांदला आज दुनिया भर में ईद मिलाद उन-नबी का पर्व मनाया जा रहा है। इस्लाम धर्म में इस दिन को पैगंबर हजरत मोहम्मद साहाब के जन्मदिन के रुप में मनाया जाता है। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार इस प्योहर को रबी-उल-अव्वल के 12 वें दिन मनाया जाता है। इस अवसर पर मोहम्मद साहब की याद में लोग जुलूस भी निकालते हैं।
इस दिन का महत्व
ईद के इस दिन रात भर प्राथनाएं की जाती हैं और जुलूस निकाले जाते हैं। इस दिन मस्जिदों को सजाया जाता है और मस्जिदों में कुरान पढा जाता है हजरत मोहम्मद ये ही संदेश देते थे कि मानवता को मानने वाला ही महान है। आज के दिन लोग गरीबो को कुछ दान भी करते हैं। मुस्लिम लोगों ये भी कहना कि इस दिन दान करने से अल्लाह खुश होता हैं।
जानें पैगंबर हजरत मोहम्मद साहाब के बारें में
पैगंबर मोहम्मद साहाब का जन्म 12 तारीख को अरब के शहर मक्का में हुआ था। पैगंबर साहब के पिता का नाम अब्दुल्लाह था। जिनका निधन पैगंबर साहब के जन्म के कुछ महीने पहले ही हो गया था। पैगंबर साहब की माता का नाम बीबी आमिना था। पैगंबर साहब जब 6 साल के थे तब उनकी मां का निधन हो गया था। मां का निधन होने के बाद पैगंबर मोहम्मद साहब अपने चाचा अबू तालिब और अपने दादा अबू मुतालिब के साथ ही रहने लगे थे। अल्लाह ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहाब को ही सबसे पहले पाक कुरान अता किया था इसके बाद पैगंबर साहब से पाक कुरान का संदेश दुनिया भर में पहुंचाया। थांदला के पीर साहब गली में निजामी ग्रुप द्वारा पुलिस प्रशासन एवं पत्रकार व मुस्लिम समाज के मौलाना व सदर सेक्रेटरी का सुबह 9 बजे पीर साहब गली में सम्मान भी किया जिसके बाद पीर साहब गली होते हुए जामा मस्जिद गांधी चौक पिपली चौराहा आजाद चौक गवली मोहल्ले होते हुए मस्जिद लौटे जहां पर फातिहा पढ़ी गई एंव सभी को तबर्रुक मिठाई बांटी गई पुलिस प्रशासन व नगर वासियों के सहयोग से और भाईचारे से शांतिपूर्वक त्यौहार मनाया गया