पेटलावद से अनिल मुथा की रिपोर्ट
पेटलावद। नगर की जनता की भलाई के लिए चुनी गई परिषद और उसके कर्ता-धर्ता पिछले 4 सालों में भ्रष्टाचार की गंगा जमुना नदियों में डुबकी लगा रहे है जीसका कोई पार ही नहीं है। लगातार विवादों में घिरी रही नगर परिषद और उसके अध्यक्ष मनोहरलाल भटेवरा के बड़े-बड़े कारनामों की फेहरिस्त और बड़ी किताब में एक और नया पन्ना अध्याय के रूप में जुड़ने जा रहा है ।
*ये है मामला*
नया मामला तब सामने आया है जब कुछ लोगों को परिषद और अध्यक्ष के द्वारा किए गए फर्जीवाड़े की प्रमाणित दस्तावेज प्राप्त हुए और आरटीआई के तहत पूरा मामला खुलासा होकर दस्तावेजों के माध्यम से सामने आया है ।पेटलावद नगर परिषद के अंतर्गत गांधी चौक से पुराना बस स्टैंड तक बने हुए वार्ड क्रमांक 1 के नगर परिषद कामपलेक्स का है जहां पर इस कंपलेक्स में बनी हुई खुली छत क्रमांक 3 को नगर परिषद पेटलावद के वर्तमान सीएमओ मनोज कुमार शर्मा के द्वारा नियमों को ताक पर रखते हुए दिनांक09.0 4 .2021 को उपरोक्त छत की लीज को परिषद के अध्यक्ष मनोहर भटेवरा के रिश्तेदारों के नाम पर रजिस्त्रार कार्यालय में जाकर पंजीकृत करते हुए 30 साल की लीज पर दे दी है ।
*बड़ा फायदा*
उपपंजीयक कार्यालय पेटलावद में हुए इस गड़बड़झाले के अनुसार परिषद के सीएमओ ने बड़वानी जिले के ग्राम खेतिया के रहने वाले सचिन पिता बिहारी लाल चौहान नामक व्यक्ति को अनुबंध करते 30 वर्षों के लिए पूरी छत लीज पर दे दी गई है साथ ही इसमें यह भी प्रावधान कर दिया गया है कि उक्त लीज के आधार पर लीज ग्रहिता छतों पर पक्का निर्माण करते हुए दुकान बनाकर निजी उपयोग कर सकेगा ओर बेच सकेगा ।
*अध्यक्ष का है रिश्तेदार*
इस पूरे मामले में जानकारी यह आई है कि जिस व्यक्ति सचिन चौहान पिता बिहारी लाल चौहान को यह 30 वर्षों की लीज दी गई है , उक्त व्यक्ति नगर परिषद के अध्यक्ष मनोहरलाल भटेवरा के पुत्र यतीश भटेवरा के ससुराल पक्ष का रिश्तेदार है इस तरह से परिषद के पदेन अध्यक्ष के द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से लाभ के पद का उपयोग करते हुए अपने परिवार के सदस्यों को नगर परिषद की सरकारी संपत्ति की लीज पर दे दी गई है ।
*दूसरी लीज भी चहेतो को*
वही यहाँ तक सूचना मिली है कि इसके अलावा परिषद के द्वारा एक अन्य छत को भी इसी प्रकार से पेटलावद के ही रहने वाले दो व्यक्तियों के नाम पर उसी दिनाक 09.04.21 को लिज कर दी गई है और उनके द्वारा लीज के अनुसार मौके पर निर्माण कार्य प्रारंभ करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
*कई लोगो की हिस्सेदारी की अटकलें*
उल्लेखनीय है कि प्रथम लीज में जहां अध्यक्ष मनोहर भटेवरा के परिजनों के नाम पर लीज करते हुए खुद अध्यक्ष एवं उसके पुत्र के द्वारा सीधा लाभ प्राप्त किया जा रहा है ।वहीं दूसरी लीज जिन लोगों को दी गई है वह तो मात्र कठपुतली चेहरे हैं दरअसल इसके पीछे भी बड़े नेताओं और रशुखदारो की मिलीभगत और अंश भी होने की पूरी पूरी संभावनाएं जताई जा रही है।
*बड़े घोटाले से जुड़ रहे तार*
साथ ही जिस व्यक्ति को लीज दी गई है वह नियम अनुसार सरकारी कामकाज करने वाला लाइसेंस धारी व्यक्ति है जिसे लीज नियम अनुसार नहीं दी जा सकती है। पूरे मामले में उप पंजीयक कार्यालय पेटलावद की भूमिका भी शुरुआती तौर पर संदेह के रूप में देखी जा रही है क्योंकि पूरे मामले का पंजीयन करने से पूर्व जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा किसी भी प्रकार की कोई जांच-पड़ताल या कागजों की जांच पड़ताल नहीं की गई है पूरा मामला बड़े घोटाले की ओर इशारा कर रहा है।
*जांच और निर्माण कार्य रोकने के लिए दिया आवेदन*
उल्लेखनीय है कि इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र वरिष्ठ अनिल कुमार मुथा के द्वारा पूरे मामले को लेकर पेटलावद के एसडीएम शीशीर गेमावत को शिकायती आवेदन पत्र सौंप कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की गई है वहीं जब तक पूरा मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती तब तक छतों पर किए जा रहे निर्माण कार्य को रोकने की भी मांग आवेदन में की गई है।
*इनका है कहना*
इस पूरे मामले में पेटलावद *एसडीएम एवं आईएएस शिशिर गेमावत* के द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि लीज की जांच व निर्माण रोकने के संबंध में आवेदन आया है पूरे मामले की जांच की जा रही है।