जिन पर जिम्मेदारी अतिक्रमण हटाने की उन जिम्मेदार संस्थाओं ने बनवा दी पक्की पुलिस चौकी...... भविष्य में किस मुह से चलाओगे अतिक्रमण मुहिम?..... बोले जनता चोकी से ही करना होगा श्रीगणेश वरना नही चलेगा गरीबो के आशियाने पर बुल्डोजर......



समाचार 20 न्यूज

पेटलावद ।समय - समय पर शासन के निर्देश अनुसार और नगर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए  अतिक्रमण मुहिम चलाई जाती है अतिक्रमण मुहिम जब भी नगर में चली है अतिक्रमण मुहिम को संचालित करने में राजस्व विभाग, नगर परिषद और पुलिस विभाग की अहम भूमिका होती है

यहां से शुरु होती है मुहीम......

जब भी नगर में अतिक्रमण मुहिम चली है तो नगर के बामनिया रोड, कानवन रोड,थांदला रोड ओर  श्रद्धांजलि चौक से लेकर गांधी चौक तक विशेष रूप से शुरुआती तौर  अतिक्रमण मुहिम चलाई जाती है और इस मुहिम में स्थाई तथा अस्थाई रूप से किए गए अतिक्रमण को हटाया जाता है।

गरीबो पर रोब ओर दबाव  की मार.....

 पिछले वर्षों में चली मुहिमों में तो नगरवासियों के पक्के निर्माण को तोडने ओर गरीब लोगों  पर रोब झाड़कर उनका छोटा मोटा अतिक्रमण हटाने की कई उदाहरणं नगर वासियों ने देखे है जिसमे सबसे मार्मिक तस्वीर पूनम की भी रही है।

इस तरह से  कई वर्षों से लगातार राजस्व, नगर परिषद एवं पुलिस विभाग का संयुक्त दल अतिक्रमण मुहिम को संचालित करके आमजन को पीड़ा देती रही है।

प्रमुख जिम्मेदार संस्थाए......

इस तरह से नगर में अतिक्रमण मुहिम का मुख्य संचालन राजस्व,नगर परिषद और पुलिस विभाग  से ही संचालित होता है इस तरह से यह तीनों संस्थाएं हैं नगर में होने वाले अतिक्रमण को हटाने  और नए अतिक्रमण को  होने से रोकने के लिए जिम्मेदार संस्थाएं हैं ।

हो रही जनचर्चा......

 लेकिन पिछले कुछ समय से नगर में ऐसी परिस्थितियां निर्मित हो रही है कि यह तीनों संस्थाएं हैं नगर में आंख मूंदकर अतिक्रमण मुहिम अतिक्रमण को बढ़ावा दे रही है  जो नगरवासियों के बीच जमकर चर्चा का विषय है ।

संस्थाओं ने करवाया पक्का अतिक्रमण.....

जी हां हम बात कर रहे हैं नगर के श्रद्धांजलि चौक पर बन रही पुलिस विभाग एवं एक निजी क्लब के सहयोग से बन रही पुलिस चौकी का उल्लेखनीय चोकी  जिस स्थान पर बनाई जा रही है वह राजस्व अभिलेख में शासकीय राजस्व मद की भूमि है,जिसके निकट से ही स्टेट हाइवे निकल रहा है  की  जिस पर न तो राजस्व,नप , एमपीएसआरडीसी  सहित किसी भी सक्षम विभाग से अनुमति भी नही   ली गयी है, इस तरह से पुलिसचोकी का निर्माण अवेद्ध स्वरूप का होकर  सीधे-सीधे  पक्के अतिक्रमण की श्रेणी में आता है ।

कई जगह हो चुकी है शिकायत......

और इन तीनों संस्थाओं सहित एमपीएसआरडीसी और अन्य स्थानों पर भी कई लोगों के द्वारा इस अवैध निर्माण कार्य और अतिक्रमण को रोके जाने के संबंध में लिखित में शिकायतें और आवेदन दे दिए गए हैं लेकिन जिम्मेदार संस्थाएं पूर्ण रूप से आंखें मूंद कर बैठे हुए हैं और संस्थाओं के मौन स्वीकृति से अवैध रूप से पक्का अतिक्रमण और पुलिस चौकी का निर्माण किया जा रहा है।

जिमेदार संस्थाओं की मोन सहमति.....

 अब जनसामान्य में यह चर्चा जोरों पर है कि जो संस्थाएं अतिक्रमण हटाने के लिए जिम्मेदार है उन्हें संस्थाओं की मौन स्वीकृति के आधार पर पुलिस चौकी का अवैध और पक्का निर्माण अतिक्रमण के रूप में हो रहा है क्या जिम्मेदार संस्थाएं इस अतिक्रमण को हटाने के लिए तत्पर रहेगी?

कैसे चलाओगे अतिक्रमण मुहीम?.....

 या भविष्य में जब भी पेटलावद क्षेत्र में अतिक्रमण मुहिम चलाई जाएगी सबसे पहले पेटलावद क्षेत्र के नगरवासी इसी पुलिस चौकी की तरफ उंगली करके खड़े होंगे कि सबसे पहले प्रशासन की मौन स्वीकृति से किए गए इस पक्के अतिक्रमण को हटाया जाए उसके बाद ही किसी गरीब के दुकान या मकान पर किए गए छोटे-मोटे अतिक्रमण की ओर प्रशासन का डंडा चले । 

अब नही चला पाओगे मुहिम.....

क्या जिम्मेदार संस्थाएं और प्रशासन इस पूरे मामले में तब जनता के सवालों का जवाब देते हुए सबसे पहले इस अवैध और पक्के अतिक्रमण को हटाएंगे? यदि हाँ  तो ही नगर में अतिक्रमण मुहिम आगे बढ़ सकेगी अन्यथा इन जिम्मेदार संस्थाओं के जिम्मेदार अधिकारी कभी भी नगर की जनता के सामने प्रत्यक्ष रूप से अतिक्रमण मुहिम को चलाने के लिए आगे नहीं आ सकेंगे। यह नगर की जनता ने भी तय कर लिया है।



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