पेटलावद से मनोज पुरोहित / पीयूष राठौड़ की रिपोर्ट
पेटलावद| मां अहिल्या की नगरी पेटलावद जो कि सामाजिक, धार्मिक, समरसता , संप्रभुता और सद्भाव तथा प्रेम,परोपकार, सहयोग , ओर एकता के लिए जानी जाती हैं |
है सोहाद्र का वातावरण.....
यहां विभिन्न वर्ग, समुदाय के लोग वर्षों से सौहार्दपूर्ण वातावरण में रहते चले आए हैं |सभी वर्ग यथा समग्र जैन समाज ,सीरवी समाज, राठौर समाज , अग्रवाल समाज, ब्राह्मण समाज, सोनी समाज, टेलर समाज, कहार समाज,धोबी समाज , रॉजगोर ब्राह्मण समाज, गवली समाज, राजपूत समाज, लोहार समाज, अजजा, अजा ,अन्य व पिछड़ा वर्ग व मूस्लिम समुदाय सभी वर्ग के लोग एक दूसरे के सुख- दुख में काम आते हैं। ओर हर समाज के आयोजन गरिमामयी ओर भव्यता के साथ सभी वर्गों की शिरकत के साथ मनाये जाते है।ओर हर समाज के आयोजन, शोभायात्रा,धार्मिक जुलूस, का स्वागत, सत्कार और अभिन्नदन दूसरे समाज जनों , राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं के द्वरा करने की परम्परा है।
वर्षो पुरानी गौरवशाली परम्परा.....
वही पेटलावद की पुरानी परिषदों की वर्षो पुरानी परम्परा रही है कि परिषद के द्वारा नगर में होने वाले विभिन्न सामाजिक धार्मिक राजनीतिक कार्यक्रमों और शोभायात्रा उनका स्वागत सत्कार वर्णन तथा अभिनंदन किए जाने की वर्षों पुरानी परंपरा रही है।
इस परिषद के लिये गले की फास.....
ओर इसी परम्परा को आगे बढ़ाते हुए वर्तमान परिषद जो कि 5 वे वर्ष के अंतिम समय में चल रही है ने 5 सालों में सिर्फ और सिर्फ गलतियाँ ओर भरस्टाचार किया है ने भी इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वर्तमान परिषद के द्वारा भी नगर में आयोजित होने वाली विभिन्न सामाजिक ,धार्मिक राजनीतिक यात्रा, शोभा यात्रा का स्थानीय बस स्टैंड पर मंच लगाकर स्वागत, सत्कार ,अभिनद्धन ओर स्मानित किया जाता रहा है। ओर इस पुरानी परंपरा को पिछले 4 वर्षों से नगर परिषद के द्वारा निभाया जा रहा है लेकिन यही गौरवशाली परंपरा आज नगर परिषद व नगर परिषद के कर्ताधर्ताओं ओर अध्य्क्ष के लिए नगर में किरकिरी ओर निंदा का सबब साबित हो रही है।
02 साल से बंद थे आयोजन, इस साल दुगुना है उत्साह...
उल्लेखनीय है की पिछले 2 वर्षों से कोरोना काल में सभी प्रकार के सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक, कार्यक्रमों ,आयोजनों शोभायात्रा पर विराम लगा हुआ था । ईश्वर की कृपा से इस वर्ष ये सारे आयोजन बड़े पैमाने ओर भव्यता तथा नगरवासियों में उत्साह के वातावरण के साथ पिछले 02 वर्षों की कमी को पूरा करते हुए दुगुने उत्साह और भव्यता के साथ आयोजित किए जा रहे हैं ।
धूमधाम से मना महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव.....
15 अप्रैल गुरुवार को पूरे नगर में समग्रजैन समाज के द्वारा महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया गया जैन समाज के समाज जनों के द्वारा नगर के मुख्य मार्गो चौराहे से होकर गरिमामई तरीके से शोभायात्रा निकाली गई जो भव्यता ओर गरिमा, परम्परा की लोक लुभावन तस्वीर से ओतप्रोत थी।
समाज मे हो रही किरकिरी.....
लेकिन समग्र जेन समाज जनों का गुस्सा व आक्रोश उस समय फुटकर बाहर निकल आया जब समाज जनों की इस शोभायात्रा का नगर परिषद के द्वारा अनदेखी करते हुए समाज की शोभायात्रा पर न तो किसी प्रकार का कोई अभिनंदन किया गया ना ही कोई स्वागत सत्कार की व्यवस्था की गई ।
फर्क नही पड़ता पर अनदेखी क्यो.....
हालांकि किसी भी समाज या शोभायात्रा का कोई स्वागत करें या ना करें इससे समाज जनों या शोभायात्रा को कोई फर्क नहीं पड़ता ।
हो रही निंदा......
लेकिन यहा बात परिषद की पिछले वर्षों की गौरवशाली परंपरा की है नगर परिषद के नुमाइंदों ओर जनप्रतिनिधियों की ओर से इस प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं की गई तो जेन समाज के वरिष्ठ सहित युवाओं के द्वारा नगर के विभिन्न सामाजिक ग्रुपो, सोसल मीडिया सहित नगर के प्रतिष्ठित ग्रुप*
व अन्य सामाजिक ग्रुप में नगर पंचायत के कर्ताधर्ताओं के विरुद्ध नाराजगी व्यक्त की ओर निंदा करते हुए समाज की अनदेखी के चलते परिषद की आलोचना भी की गई।
बैठक में लू उतारी.....
वही शुक्रवार शाम को थाना परिसर में आयोजित शांति समिति की बैठक मे भी समाज जनों ने इस अनदेखी को लेकर अध्यक्ष महोदय को खरी खोटी भी सुनाई ओर अपनी नाराजगी सार्वजनिक रूप से दर्शायी।
इनके आशीर्वाद से ही बने है अध्य्क्ष मोटाभाई....
जैसा कि नगरवासी जानते है नगर में समग्र जेन समाजनो कि सँख्या अधिक है और हर क्षेत्र में अग्रणी समाज जो कि न सिर्फ सामाजिक बल्कि हर क्षेत्र व राजनीतिक क्षेत्र में दखल रखता है और जैन समाजजन परिषद सहित जिले व प्रदेश सहित विभिन्न बड़े पदों पर सुशोभित है, स्वयं मण्डल अध्य्क्ष व पार्षद जैसा पद भी जेन समाजजन के पास है और जैन समाज के वरदहस्त के चलते ही नगर के अध्यक्ष मनोहरलाल भटेवरा इस पद पर आसीन है।ओर इतने वरिष्ठ ओर बड़े समाज की उपेक्षा या अनदेखी से मोटाभाई एन्ड टीम नगर में भर्त्सना ओर किरकिरी झेल रही है।
नही रही गरज, समझ रखा था वोट बैंक....
ओर इस बात पर सफाई देते हुए अध्य्क्ष ओर उनके सहयोगी भले जी खुद को अन्य कार्यक्रमों और आयोजनों में व्यस्त होने की बात कह रहे है , लेकिन आमजन ओर जेन समाजजन तो यह समझ रहै है कि मोटाभाई ने अपने चुनावी खर्च सहित करोड़ों की वसूली कर ली ओर अब चुनाव भी नही लड़ना तो क्यो किसी की गरज करना ? चुनाव लड़ते तो वोट बैंक को साधने के लिये आडम्बर रचते भी । इसलिये गरज नही चुनाव की, नही चाहिए वोट भी तो फिर समाजजनो , नगरवासियों से का हे का सरोकार
समाज की अनदेखी ठीक नही....
लेकिन अध्य्क्ष मनोहरलाल जी ये भूल गए कि नगर में निकलोगे तो कोई राम -राम करके बोलायेगा भी नही?
क्योंकि नगर में तो पैसा या पद नही व्यवहार ही काम देगा ओर नगर के इतने बड़े वर्ग और समाजजनो की अनदेखी ठीक नही ।
इनका है कहना....
समाजजनो के सहयोग और वोट से भाजपा की परिषद नगर मैं बनी जिसकी अनदेखी अध्य्क्ष ने की है जो ठीक नही। भाजपा की बैठकों में भी हम समाज की ओर से आपत्ति दर्ज करवाएंगे।
संजय मालवीय पूर्व उपाध्यक्ष महावीर समिती व वरिस्ठ भाजपा नेता
इतने बड़े समाज की अनदेखी से समाजजनो में नाराजगी है हम इस कृत्य कि निंदा करते है ।
पंकज जे. पटवा सचिव अरिहंत युवा वाहिनी....
समग्र जेन समाज नगर की सभी सामाजिक, धार्मिक गतिविधियों में सहभागिता करता है परिषद के इस प्रकार के व्यवहार से समाजजन नाराज व आहत है जिसकी निंदा करते है।
राजेश जैन संचालक द संस्कार वेली पब्लिक स्कूल
समाजजन किसी स्वागत के मोहताज नही लेकिन यहां सवाल वर्षो पुरानी परम्परा का है परिषद ओर अध्य्क्ष निंदा के पात्र है।
मिलिंद मेहता वरिष्ठ समाजजन.....
भ्रष्टाचार से भरी परिषद को कमाई करने के अलावा कोई काम नही इनके स्वागत करने न करने से समग्र जेन समाज को कोई फर्क नही पड़ता।

