झाबुआ धार सीमा पर माही राजघाट पुल निर्माण को लेकर लिखा मांग पत्र.......पुल बनेगा तो माही किनारे के लोगो के लिए धार झाबुआ की दुरी होगी कम.....संबंधित लोक निर्माण विभाग मंत्री माननीय गोपाल भार्गव से की मांगा.....

 


पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट

पेटलावद जामली  पिछले दिनो माही नदी के किनारे प्रदेश अध्यक्ष अनुसुचित जनजाति मोर्चा कलसिंह भाबर ने पहुंचकर आमजन की समस्या को देखा था।जिसमे ग्रामीणो ने झाबुआ के पेटलावद के माही किनारे की पंचायतो को धार के राजोद से जोडने वाले कच्चे मार्ग व माही नदी पर बडे पुल की 

झाबुआ धार सीमा पर स्थित माही नदी के पुल निर्माण की मांग प्रमुखता से रखी थी।जिसके बाद समस्या को देखते हुए पुर्व विधायक कलसिंह भाबर ने संबंधित लोक निर्माण विभाग मंत्री माननीय गोपाल भार्गव को मांग पत्र लिखा।जिसमे झाबुआ धार सीमा पर वर्तमान में बनी माही नदी की रपट,जो जीर्णशीर्ण व जर्जर अवस्था मे है उसके नवनिर्माण की मांग रखी। उक्त कच्चा मार्ग जिससे 300 छोटे बडे गांवो का आनाजाना दोनो जिलो की ओर से बना रहता है।वही उनके रोजमर्रा कि आवश्यक वस्तुओं के परिचालन और आयात निर्यात में काफी समस्या होती है। इसके अतिरिक्त यह मार्ग कानवन में धार इंदौर मार्ग को जोड़ता है।ग्राम देवली के खेडा नरसिंहपुरा राजघाट पर पुलिया निर्माण की मांग आमजन की मुलभुत सुविधा को देखते हुए रखी गई।

यह है स्थिती...

दो किमी झाबुआ और दो किमी धार की कच्ची रास्ता बनाने की मांग आमजन कर रहे है।दरअसल ये रास्ता झाबुआ के ग्राम पंचायत देवली से होता हुआ ग्राम कास्याखाली तक सिंगल पट्टी डामरीकरण मे बना हुआ है।वही इसके आगे झाबुआ की सीमा मे माही पुल तक कच्चा और ऊंची नीची पहाडियो मे बना है।इसके बाद माही का जर्जर रपट है।जिस पर अक्सर बारिश मे पानी उपर बहता है।वही अब धार की सीमा आरंभ होती है।इधर भी रास्ता दो तीन किमी कच्चा है।इसके बाद वाक्या वाले डामरीकरण मार्ग से जुडकर सीधा राजोद पहुंच जाता है।दोनो जिले के बीच कच्चा रास्ता आवागमन मे बाधा उत्पन्न करता है।

सडक बनेगी तो रोजगार बढेगा.....

वही कच्चा मार्ग कही ना कही छोटे छोटे गांवो के विकास को भी रोक रहा है।क्षेत्र के सैकडो की संख्या मे मजदुर,ड्रायवर जैसे छोटे मोटे रोजगार वाले लोगो का राजोद आनाजाना होता है,ऐसे मे वे भी इस रास्ते पर फजीहत करते दिखाई देते है।मार्ग जिले के ग्राम देवली,कालीघाटी से ग्राम खेडा होकर राजोद के लिए जाता है।बडी संख्या मे मजदुर वर्ग रोजगार के लिए राजोद जाते है।मार्ग बनने के बाद और भी रोजगार के अवसर बढेंगे,साथ ही आवागमन बढने से क्षेत्र मे व्यापार व्यवसाय मे भी बढोतरी होगी।मार्ग बनने के बाद विशेषकर क्षेत्र की जामली,सलुनिया,देवली,हमीरगढ,पाचपिपला,कालीघाटी,बेकल्दा,बरवेट,बावडी,महुडीपाडा आदि पंचायत के लोगो को राजोद या धार जिले मे जाने के लिए फायदा रहेगा।दोनो जिलो के मध्य व्यवसाय मे भी लाभ होगा।ग्राम से रोजाना मजदुरी के लिए भी युवा आते जाते है।जो कम दुरी और कम समय मे राजोद क्षेत्र मे पहुंच सकते है।वही दुसरी और क्षेत्र के किसान कृषि कार्यो के लिए भी अक्सर राजोद का रुख करते है।कई किसान खाद,बीज,दवाई राजोद से खरीदते है।



एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.