News@ हरिश राठौड़
*पेटलावद।* महाशिवरात्रि के महापर्व पर प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी शिव मित्र मंडल के द्वारा भगवान भोलेनाथ की भव्य शोभायात्रा बारात धूमधाम से नगर में निकाली गई। लगातार 28 वर्षो से शिव मित्र मंडल के द्वारा शोभायात्रा निकाली जा रही है। शोभायात्रा का शुभारंभ निलकंठेश्वर महादेव मंदिर से होकर नगर के मुख्य मार्गो से होते हुए रात्रि 12 बजे पुनः मंदिर पर आकर महाआरती के साथ विसर्जन होता है।
*भोले नाथ की यात्रा ने मन मोहा।*
इस वर्ष निकाली गई शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण भोला नाथ का स्वांग धरे कलाकार जो की अपनी नृत्य शैली और करतबों से आमजन का मन मोह रहे थे। कलाकारों ने शिव तांडव नृत्य और अन्य कलाबाजीयां दिखाते हुए सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। इसके साथ ही ढोल पार्टी ने भी धमाकेदार ढोल की प्रस्तुति दे कर शोभायात्रा की शोभा बढाई। वहीं गजनीखेडा की बेंड पार्टी ने भजन किर्तन की शानदार प्रस्तुतियां दे कर शिव भक्ति के रसों से भाव विभोर कर दिया।
*भक्तों ने की पूजा अर्चना।*
शोभायात्रा में भगवान के मखोटे को लेकर चली रही बग्घी मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। जिसमें भगवान की पूजा अर्चना नगरवासियों ने की। भगवान की झांकी देखकर हर कोई मोहित हो गया। झांकी देख ऐसा लगा जैसे भगवान शिव प्रजा का हाल चाल जानने निकले हो।
*यात्रा का हुआ स्वागत।*
भगवान शिव की बारात शोभायात्रा का स्वागत नगर में विभिन्न स्थानों पर किया गया। जिसमें नगर परिषद व अन्य संगठनों के द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। इसके साथ ही नगर के मंदिरों पर नियमानुसार भगवान शिव का स्वागत आरती उतार कर किया गया। शोभायात्रा में सैकडों भक्त नाचते गाते निकले। शोभायात्रा के रास्ते पर फूलों की वर्षा कर स्वागत किया गया।
*महाआरती का आयोजन।*
भगवान शिव की बारात पूरा नगर भ्रमण कर रात्रि 12 बजे पुनः निलकंठेश्वर महादेव मंदिर पर पहंुची जहां पर भगवान की महाआरती का आयोजन किया गया। जिसमें सैकडों भक्तों ने उपस्थित रह कर आरती का लाभ लिया। महाशिवरात्रि के पर्व पर पं. हरिकृष्ण शुक्ला, पं. कांतिलाल भट्ट, पं. प्रफुल्ल शुक्ला, पं. महेंद्र द्वीवेदी, पं. अशोक भट्ट, पं. वेंकट त्रिवेदी, पं. आनंद त्रिवेदी,पं. मंत्र शुक्ला सहित अन्य पंडितों सुबह से लेकर देर रात्री तक मंदिर पर ही पुजा उपासना करी और भक्तों से पूजा अर्चना व अभिषेक करवाये। इसके साथ ही मंदिर के पुजारी मनोहरदास वैरागी और शिवदास वैरागी परिवार भगवान की सेवा में लगे रहे।

