परवाड़ा पंचायत में जीजा-साले का खेल या भ्रष्टाचार का मेल? ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप....

 


थांदला से इमरान खान की रिपोर्ट 

थांदला - इन दिनों ग्राम पंचायत परवाड़ा बहुत सुर्खियों में है सचिव पर ग्रामीणों के गंभीर आरोप हैं।   ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव मानसिंह डामोर पंचायत परवाड़ा, में 2 से 3 वर्ष से अपने ससुराल परिवार की पंचायत परवाड़ा में ही चुंबक की तरह चिपके हुए यानी पदस्थ हैं। इस बीच सूत्र बताते हैं कि चबूतरा, पंचायत भवन और सीसी रोड में भी बहुत तेजी से भ्रष्टाचार की बू आती दिख रही है। मौके पर कुछ नहीं है, लेकिन कागजों में सब पूरा है सबसे बड़ा सवाल अब ये है कि ग्राम परवाड़ा में लगे अनेक बिलों पर सरपंच के ही सील और साइन हैं सचिव के साइन गायब हैं पंचायत राज अधिनियम के अनुसार हर भुगतान पर सरपंच और सचिव दोनों के संयुक्त हस्ताक्षर जरूरी होते हैं। बिना दोनों के साइन के एक भी रुपया नहीं निकल सकता। क्या सचिव किसी दबाव में हैं या जीजा-साले' का रिश्ता आड़े आ रहा है? या फिर दोनों की मिलीभगत से नियमों को ताक पर रखा जा रहा है गांव के लोगों का कहना है पैसा गांव के विकास के लिए आता है लेकिन यहां तो खेल ही कुछ और चल रहा है। भ्रष्टाचार की बू इतनी तेज है कि प्रशासन को भी सुंघनी पड़ेगी इस संबंध में जब हमने सोमवार साम 6:42 पर सचिव से फोन पर बात करना चाही तो सचिव ने हमारा फोन उठाना उचित नहीं समझा

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