News@ हरिश राठौड़
पेटलावद। किसानों के महत्वपूर्ण दस्तावेज फॉर्मर आईडी जोड़ने के नाम पर रिश्वत मांगना ग्राम मोहनपुरा के हल्का नंबर 30 के पटवारी संजय अमलियार को महंगा पड़ गया। इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार को योजनाबद्ध ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी पटवारी को 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई टप्पा तहसील सारंगी कार्यालय के मीटिंग हॉल में की गई। जैसे ही कार्रवाई की खबर फैली, राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया और पूरे क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बन गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम मोहनपुरा निवासी पूनिया भूरिया को अपने कृषि कार्य के लिए फॉर्मर आईडी जुड़वानी थी। आरोप है कि इस कार्य के बदले हल्का नंबर 30 के पटवारी संजय अमलियार ने 2 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। फरियादी ने रिश्वत देने के बजाय लोकायुक्त पुलिस इंदौर से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त अधिकारियों द्वारा मामले का सत्यापन कराया गया। जिसमें शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप की रणनीति तैयार की गई।
गुरुवार को पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार शिकायतकर्ता पूनिया भूरिया को 2 हजार रुपए की राशि देकर टप्पा तहसील सारंगी कार्यालय स्थित मीटिंग हॉल में भेजा गया। लोकायुक्त टीम के अधिकारी और कर्मचारी पहले से सादी वर्दी में आसपास तैनात थे। जैसे ही पटवारी संजय अमलियार ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की राशि स्वीकार की, टीम ने तत्काल दबिश देकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई इतनी तेजी से हुई कि आरोपी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इसके बाद लोकायुक्त अधिकारियों द्वारा मौके पर रिश्वत की राशि जब्त कर आवश्यक पंचनामा और अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। घटना की सूचना मिलते ही कार्यालय परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। राजस्व विभाग के कर्मचारियों में भी दिनभर इस कार्रवाई की चर्चा रही। किसानों का कहना है कि फॉर्मर आईडी आज कई शासकीय योजनाओं, पंजीयन और कृषि संबंधी लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज बन चुकी है। ऐसे में उसके नाम पर रिश्वत मांगना बेहद गंभीर मामला है। ग्रामीणों ने लोकायुक्त की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि यदि भ्रष्टाचार के मामलों में लगातार इसी तरह कार्रवाई होती रही तो आम लोगों का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत होगा। लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में शिकायत मिलने पर निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

