पेटलावद से हरिश राठौड़ / मनोज पुरोहित की रिपोर्ट
पेटलावद। नगर परिषद पेटलावद को लेकर लगातार मीडिया के द्वारा जनता की परेशानियों को लेकर उठाया जाता रहा है लेकिन पेटलावद नगर परिषद के जिम्मेदारों, कर्ताधर्ता, अधिकारी, कर्मचारी, और जनप्रतिनिधि ,पार्षद सहित अध्यक्ष न तो जनता की किसी समस्या को ध्यान देना चाहते हैं और नहीं पेटलावद नगर का सुधार करना चाहते हैं पहले से आमजन की समस्याएं यथावत है ही।
लोगों की जान पर आई.....
लेकिन नगर परिषद की गैर जिम्मेदाराना रवैया के चलते अब नगर की जनता की जान पर भी आ पड़ी है।नगर में सोमवार को ऐसी घटना घटित हुई है जिसके चलते लोगों को अपने इलाज कराने पर मजबूर होना पड़ा।
आवारा पशुओं से हुए गंभीर घायल...
घटना यह है कि पेटलावद में गणपति चौक पर सोमवार को सुबह के 11:30 बजे के आसपास आवारा घूमते पशुओं के बीच लड़ाई हो गई और इस लड़ाई के बीच में वहां से निकलने वाले दो नगरवासी महेंद्र मेहता और इंद्रमल गुगलिया से टकराकर दोनों को गंभीर रूप से घायल कर दिया जिसमें घायलों को पेटलावद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार हेतु ले जाया गया जहां महेंद्र मेहता के हाथ और पैर में चोट आई है और टांके लेने के बाद उपचार जारी है वहीं दूसरे घायल इंदरमल गुगलिया को गंभीर चोट होने के कारण दाहोद रेफर किया गया हैजहां परिजनों के द्वारा उनका उपचार करवाया जा रहा है ।परिजनों की मानें तो इंदर मल गुगलिया को अंदरूनी रूप सेगंभीर चोट होने के साथ ही साथ फैक्चर की भी संभावना परिजनों द्वारा बताई जा रही है समाचार लिखे जाने तक उनका दाहोद में उपचार जारी था।
नगर परिषद में हुआ हंगामा....
इस पूरे मामले को लेकर पेटलावद के वर्तमान पार्षदों के कान पर तो जू तक नहीं रेंगी लेकिन नगर के पूर्व पार्षद राकेश मांडोत, अनिल मेहता अपने साथियों के साथ नगर परिषद पहुंचे और नगर परिषद की इस गैर जिम्मेदाराना रवैया के लिए सीएमओ मनोज शर्मा को खूब खरी-खोटी भी सुनाई ।
सीएम को की शिकायत..
इस पूरे मामले में नगर के नागरिक अशोक जैन के द्वारा नगर परिषद के इस रवैया एवं घटनाक्रम को लेकर आन लाइन मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ऑनलाइन 181 पर शिकायत भी सोमवार को दर्ज करवाई है।वही नगर के कुछ लोगों के द्वारा इस पूरे मामले को लेकर एसडीएम शिशिर गेमावत से भी शिकायत की गई है और पूरे मामले में एसडीएम के द्वारा जल्द ही संज्ञान लेकर बड़ी कार्रवाई किए जाने के संकेत दिए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी हो रही किरकिरी...
पेटलावद की सोशल मीडिया पर भी लोगों के द्वारा जबरदस्त इस मामले को लेकर प्रतिक्रिया दी जा रही है .।और नगर परिषद के पिछले 4 साल के लेखा-जोखा का हिसाब मांगते हुए नगर परिषद की सोशल मीडिया पर जबरदस्त किरकिरी पेटलावद के नगर वासियों के द्वारा की जा रही है।
पशु वाहन पड़ा बेकार...
इस पूरे मामले में जहा लोगों के बीच पेटलावद के कांजी हाउस का मामला फिर से जागृत हो गया है नगर परिषद के द्वारा कांजी हाउस की जमीन और भवन अपने सांठगांठ के माध्यम से अन्य लोगों को बेच दिया है और पुराने कांजी हाउस में दुकानें बनाकर व्यावसायिक लाभ नगर परिषद ले रही है।वहीं कुछ दिनों पूर्व पेटलावद नगर परिषद के द्वारा पूर्व विवादित बगीचे में नगर के आवारा पशुओं को बांधने का क्रम प्रारंभ किया था। कुछ दिनों बाद वही नगर के आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए नगर परिषद ने लगभग 2से 3 लाख रुपए खर्च करके पशु वाहन भी खरीदा है लेकिन इस पशु वाहन का कोई उपयोग नगर परिषद के द्वारा नहीं किया जा रहा है ।और शासन का लाखों रुपया बर्बाद करते हुए सिर्फ कमीशन बाजी के खेल में अध्यक्ष और पार्षद लगे हुए।
आवारा पशुओं से जनता परेशान.....
वही आए दिन नगर के मुख्य चौराहों एवं सड़कों पर आवारा पशुओं के घूमने के कारण प्रतिदिन गंभीर दुर्घटना होने के साथ ही साथ यातायात भी जाम रहता है। क्या नगर परिषद इस ओर ध्यान देगी?अब तक नगर वासी नगर परिषद की अनदेखी से परेशान थे लेकिन अब नगर व नगर वासियों की जान पर भी नगर व नगर परिषद की लापरवाही के चलते आ पड़ी है।
