थांदला से इमरान खान की रिपोर्ट
थांदला 25 जुलाई 44 वर्षीय महिला की लाश कडीकुआ के तालाब में मिलने के बाद अंचल में सनसनी फैल गई थी। घटना के 8 दिन बाद ही थांदला पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में सफलत प्राप्त कर ली है। घटना की जानकारी सोमवार को एसपी आशुतोष गुप्ता प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर दी।
उल्लेखनीय है कि 25 जुलाई को फ़रियादी मानसिंह ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। कि उसकी बेटी कमलाबाई घर से ग्राम तेजपुरा जाने का कहकर निकली थी। लेकिन वापस घर नहीं पहुंची । इधर 27 जुलाई को कडीकुंआ तालाब में एक महिला की लाश मिलने की सूचना कुछ ग्रामीणों ने पुलिस को दी। शिनाख्त करने पर पाया गया कि उक्त लाश कमलालाई की है। विवेचना में पाया गया की कमलाबाई का कई वर्षों से दुबलिया पिता भाणजी भूरिया निवासी मादलदा के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा है। घटना के दिन मृतका कमलाबाई को कुछ लोगों ने दुबलिया के साथ देखा था। दुबलिया से सख्ती से पूछताछ करने पर उसने बताया कि कमलाबाई उसके साथ शादी करना चाहती थी। जबकी दुबलिया पूर्व से ही शादीशुदा है।
जिसके चलते दुबलिया शादी के लिये मृतिका कमलाबाई को मना करता था। शादी करने की बात मृतिका बार-बार कहती थी। जिस कारण घटना दिनांक से एक दिन पहले दुबलिया ने भारत, सुनिल, कमल एवं सरदार के साथ मिलकर मृतिका कमलाबाई को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। घटना दिनांक को पूर्व योजनानुसार दुबलिया व भारत वडलीपाडा तिराहे से मृतिका कमलाबाई को मोटर सायकल पर बिठाकर कडीकुआ जंगल तरफ ले गए। तीन अन्य आरोपी सुनिल, कमल एवं सरदार एक मोटर सायकल पर ग्राम मादल्दा से सीधे कडीकुआ जंगल पहुंचे। वहां पर कमलाबाई का दुबलिया के साथ चलने की बात को लेकर विवाद हुआ। विवाद के दौरान दुबलिया ने मृतिका कमलाबाई को मोटर सायकल से टक्कर मारी फिर सभी ने योजनाबद्ध तरीके से एक मत होकर तीन आरोपियों ने मृतिका कमलाबाई के हाथ-पैर पकड़े, दुबलिया द्वारा कुल्हाड़ी से एवं भारत द्वारा पत्थर से महिला के सिर पर गंभीर चोट पहुंचाई। जिससे उसकी हत्या हो गयी। उसके बाद इनके द्वारा मृतिका कमलाबाई द्वारा पहने जेवर को उतारकर आपस में बाट लिये व लाश को छुपाने के लिए उनके द्वारा मृतिका कमलाबाई के हाथ में पत्थर बांधकर तालाब में डूबो दिया व उसके बाद वहां से भाग गए।
आरोपी
1. दुबलिया पिता भाणजी भूरिया निवासी मादल्दा (36)
2. भारत पिता नाथू भूरिया निवासी मादल्दा (35)
3. सुनिल पिता धुलसिंह भूरिया निवासी मादल्दा (26)
4. कमल पिता भावजी भूरिया निवासी मादल्दा (35)
5. सरदार पिता भूरा भूरिया निवासी मादल्दा (36)
इनका रहा सरहानीय योगदान
संपूर्ण घटनाक्रम का खुलासा करने में एसडीओपी एमएस गवली थांदला, थाना प्रभारी थांदला निरी. कौशल्या चौहान, चौकी प्रभारी खवासा उनि रज्जन सिंह गणावा, उनि लक्ष्मणसिंह, कार्यवाहक सउनि कृष्णकुमार, आर. भुरसिंह, राकेश, महेन्द्र, राहुल, पवन, पुखराज एवं आर. मगंलेश पाटीदार, आर- महेश प्रजापति, आर-संदीप बघेल, आर- दीपक पटेल का सराहनीय योगदान रहा। उक्त सराहनीय कार्य पर पुलिस टीम को पुलिस अधीक्षक झाबुआ द्वारा पुरूस्कृत करने की घोषणा की
