पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट
पेटलावद । महिला एव बाल विकास परियोजना विभाग के अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को घटिया किस्म की एक साथ साड़ी खरीद कर वितरण करने का मामला प्रकाश में आने के बाद लगातार मीडिया में खबरें प्रकाशित होने के बाद जिले के कलेक्टर सोमेश मिश्रा के द्वारा इस मामले में कड़ा एक्शन लेते हुए जहां शुरुआती तौर पर जिला परियोजना अधिकारी डॉ अभय सिंह खरारी को निर्देश देते हुए साड़ी वितरण के मामले पर रोक लगा दी गई थी वहीं इस मामले में अब नया कदम उठाते हुए चार सदस्यीय दल को गठित करके जांच के लिए सोमवार को भेजा है।
*जिले से आया जांच दल*
सोमवार को जिला कलेक्टर सोमेश मिश्रा के आदेश पर जिला परियोजना एवं कार्यक्रम अधिकारीअधिकारी डॉ अभय सिंह खराडी के द्वारा जिले से 4 सदस्यीय दल को इस पूरे मामले की जांच एवं कथन अंकित करने के लिए भेजा जिसमें जिला परियोजना के असिस्टेंट डायरेक्टर वालसिंह सासतीया,सहायक संचालक वर्षा चौहान ,मनीष पाटीदार एवं लिपिक संदीप जांच करने के लिए सोमवार को स्थानीय मंडी प्रांगण में आए।
*मंडी परिसर में हुई पूरी प्रक्रिया*
सोमवार को स्थानीय मंडी परिसर में पेटलावद परीयोजनाके अंतर्गत कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की एक बैठक स्थानीय मंडी प्रांगण में आयोजित की गई।
*लिए कथन*
इस जांच को बैठक का नाम दिया गया है लेकिन पूरे मामले में साडी कांड को लेकर इन सदस्यों के द्वारा कार्यकर्ता और सहायिकाओं से बातचीत और कथन लिए गए हैं।
इस पूरी जांच प्रक्रिया में जहा पेटलावद सेक्टर की सुपरवाइजर को और परियोजना अधिकारी को दूर रखकर आए दल के द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका से अलग-अलग चर्चा की और उनके कथन रिकॉर्ड किए हैं।
*क्या लौटाए जाएंगे रुपये?*
हालांकि कलेक्टर सोमेश मिश्रा की सख्ती ओर जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ अभयसिंह खराड़ी के आदेश के उपरांत साड़ी का वितरण सुपरवाइजरो ने रोक दिया है , लेकिन जो साड़िया वितरित हो कि चूंकि है और जिन कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने घटिया साड़ी के 600 से 800 रुपये दे दिये है, वे पैसे उन्हें लौटाए जाएंगे या नही इस पर सस्पेंस बरकरार है।
*जांच रिपोर्ट सौंपेंगे वरिष्ठ अधिकारियों को*
जिलाधिकारी को सौंपेंगे रिपोर्ट इस संबंध में जांच करने आए दल प्रभारी एवं *असिस्टेंट डायरेक्टर वालसिंह सासतीया*
द्वारा चर्चा के दौरान बताया कि जशके वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर जांच दल गठित किया गया है और इस दल के द्वारा कार्यकर्ता और सहायिकाओं से चर्चा और कथन लेने के बाद पूरी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी जाएगी आगे का निर्णय वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा किया लिया जायेगा।
*फेरबदल की दरकार*
एक ही क्षेत्र में लम्बे समय से कार्यरत अधिकांश सुपरवाइजर को एक ही क्षेत्र में जमा होने के कारण इनके द्वारा भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है इसलिए मांग की जा रही कि पेटलावद क्षेत्र में कार्यरत सुपरवाइजर को स्थानांतरित कर फेरबदल किये जाने की मांग भी उठ रही है।

