पेटलावद से अनिल मुथा की रिपोर्ट
पेटलावद ।ऐसा लगता है कि पेटलावद नगर परिषद और इसके कर्ता-धर्ता पेटलावद नगर की जनता के साथ ही साथ अब वरिष्ठ अधिकारियों को भी गुमराह करके अपना उल्लू सीधा करने में लगे हुए हैं ,अधिकारियों को गुमराह करके अपने निजी स्वार्थों को साधने का एक नया मामला फिर से प्रकाश में आया है।
यह है मामला....
उल्लेखनीय है कि पेटलावद में आमजन एवं बच्चों के लिए सर्व सुविधा युक्त एक बगीचा बनाने का वर्षों पुराना सपना रहा है वर्षों पूर्व वर्तमान अध्यक्ष मनोहर भटेवरा के कार्यकाल में लाखों रुपए खर्च करके नगर के सिविल हॉस्पिटल के पास स्थित महावीर कॉलोनी वार्ड नंबर 05 में बगीचे का निर्माण के साथ ही साथ दुकानों का निर्माण किया गया था ।लेकिन तत समय इस बगीचे और दुकान निर्माण को लेकर लगातार शिकायतें होने और भ्रष्टाचार के आरोप के चलते तथा ठेकेदारों के भुगतान के मामले में विवाद होने के चलते उक्त बगीचा लगभग 15 वर्षों से बंद होकर वीरान पड़ा हुआ था और इस बगीचे में तत समय लगाए गए लाखों रुपए खर्च करके झूले चकरी और अन्य सामान अंदर ही पड़ा हुआ था और बगीचे पर ताला लगा हुआ था ।
भ्रष्टाचार की जांच आज भी पेंडीग....
सूत्रों की माने तो इस बगीचे एवं दुकान निर्माण के भ्रष्टाचार को लेकर भोपाल एवं इंदौर स्थित वरिष्ठ कार्यालयों में तथा लोकायुक्त कार्यालय आदि में जांच भी आज तक जारी है जिसका सारा रिकॉर्ड भी इन्हीं कार्यालयों में होना बताया जाता है।
दिसंबर माह में आया नया मोड़.....
लगभग 8 माह पूर्व पेटलावद नगर परिषद के द्वारा इस बगीचे मैं लगे झूले चकरी और सामान को हटाने का प्रयास किया गया साथ ही नगर परिषद के वर्तमान अध्यक्ष मनोहर भटेवरा स्वयं एवं अपनी पत्नी के ऊपर लगे हुए पुराने कार्यकाल के भ्रष्टाचार के आरोपों को छिपाने के उद्देश्य से तहसील कार्यालय के सामने बने हुए बगीचे में झूला चकरी को रखकर मामले को रफा-दफा करने का एक पूर्व नियोजित योजना भी बनाई गई थी थी ।
दुकानें बनाने का सपना....
साथ ही नगर परिषद की ओर से यह भी योजना थी कि अस्पताल के पास स्थित बगीचे में पक्की दुकानों का निर्माण किया जाएगा इस योजना को लागू करने के उद्देश्य से नगर परिषद के द्वारा वर्षों पूर्व से ताले लगे हुए सिविल हॉस्पिटल के पास बने हुए नगर नगर परिषद के इस एकमात्र पुराने बगीचे में ताले को तोड़कर उसमें रखे हुए झूला चकरी और अन्य सामान को तहसील कार्यालय के सामने बगीचे में शिफ्ट करने की योजना बनाई ।
एसडीएम ने लगाई थी रोक....
लेकिन उस समय पेटलावद जागरूक जनता और स्थानीय मीडिया के प्रयासों के चलते परिषद अध्यक्ष मानव भटेवरा के मंसूबों को कामयाब होने से रोकते हुए दिनांक 16/12 /2020 को एसडीएम आईएस शिशिर गेमावत के द्वारा एक आदेश जारी करते हुए नगर परिषद को निर्देशित किया था कि चकरी ,झुला एवं अन्य मनोरंजन के सामान को नगर परिषद के द्वारा गार्डन में यथावत रखा जाए और किसी भी प्रकार का हेरफेर नहीं किया जाए कोई खेल पर किया जाता है तो इस संपत्ति के संबंध में समस्त जिम्मेदारी नगर परिषद की स्थाई करने का आदेश जारी किया गया था।
मरम्मत के बाद वापस रखने का दिया था आश्वासन....
इस आदेश के बाद नगर परिषद के द्वारा इन झूला चकरी की मरम्मत करके फिर से बगीचे में रखने का लिखित में आश्वासन नगर परिषद और उसे एसडीम कार्यालय में दिया गयादिया गया था ।
अब तक नहीं रखें झूला चकरी वापस....
इस आदेश को हुए लगभग 8 माह से अधिक का समय हो गया है लेकिन नगर परिषद के द्वारा इस झूला चकरी और अन्य सामान को पूर्व बगीचे में रखने की बजाय इसमें लगे हुए वर्षों पुराने हरे वृक्ष के को काटने के बाद न सिर्फ एग्जाम के तत्कालीन आदेश का उल्लंघन किया है बल्कि अब नगर परिषद के द्वारा इसमें अपने पूर्व नियोजित योजना को आगे बढ़ाने का रास्ता भी खोज निकाला है
दुकानों के लिए विज्ञप्ति प्रकाशित....
इसमें अपनी योजना को आगे बढ़ाते हुए एक जाहिर सूचना और विज्ञप्ति प्रकाशित की गई है जिसमें दिनांक06/09/2021 तक टेंडर आमंत्रित करते हुए इस बगीचे की बगीचे में दुकान बनाने का प्रस्ताव पारित करते हुए विज्ञप्ति जारी की गई है।
गुमराह करने का प्रयास ....
दबे छुपे तरीके से नगर परिषद के द्वारा आमजन को मालूम ना पड़े इस प्रकार से विज्ञप्ति प्रकाशित करते हुए विज्ञप्ति में भी गोलमाल किया है उल्लेखनीय है कि यह बगीचा जो कि सिविल अस्पताल के समीप आता है और राजस्व के शासकीय नंबर में स्थित है और वार्ड क्रमांक 5 के अधीन आता है है उसे विज्ञप्ति में वार्ड क्रमांक 01में बताते हुए विज्ञप्ति जारी की गई है। और बगीचे में दुकान बनाने की अपनी योजना को अमलीजामा पहनाने का प्रयास किया जा रहा है।
नये भ्रष्टाचार की तैयारी....
इस संबंध में नगर परिषद के द्वारा पुराने भ्रष्टाचार को दबाने और दुकानों की बंदरबांट रेवड़ी बांटने का प्रयास करते हुए फिर से नया भ्रष्टाचार करने का प्रयास किया जा रहा है ।जबकि नियमानुसार बगीचे की जमीन पर किसी भी प्रकार का स्थाई निर्माण कार्य भी नहीं किया जा सकता ।
एसडीएम के आदेश का भी उल्लंघन....
वहीं नगर परिषद के द्वारा एसडीएमके द्वारा दिनांक 16/12 /2020 को जारी किए गए आदेश का भी सीधा उल्लंघन किया गया है बगीचे से हटाई गई झूला चकरी और मनोरंजन के कई सामान को नगर परिषद के द्वारा आधे से अधिक तो बेच कर कबाड़ खाने में नगद रुपया कमा लिया गया है और कुछ सामान नगर परिषद के अस्थाई रूप से बने हुए कांजी हाउस में रखा है जिसे वापस बगीचे में नहीं लगा कर एसडीएम के आदेश का भी उल्लंघन किया है ।
जनता की मांग रहे बगीचा नहीं बननी चाहिए दुकान है.....
प्रशासन एसडीएम और वरिष्ठ अधिकारियों से नगर की आम जनता के द्वारा मांग की जा रही है कि नगर परिषद के द्वारा वर्षों पूर्व लाखों रुपए खर्च करके बनाए गए सिविल हॉस्पिटल के निकट बगीचे की जमीन में बगीचा ही रहने दिया जाए और इस स्थान पर किसी भी प्रकार की कोई भी दुकानें बनाने का निर्णय और प्रस्ताव जो नगर परिषद के द्वारा प्रारंभ किया जा रहा है उसे रोक लगाई जाए ।
अभी मेरी तबीयत खराब है.....
इस संबंध में जब हमारे द्वारा नगर परिषद का पक्ष जानना चाहा तो नगर परिषद के सीएमऔ मनोज कुमार शर्मा के द्वारा हमारे सवालों के जवाब में बताया कि अभी मेरा स्वास्थ्य खराब है स्वास्थ्य ठीक होने पर मैं आपको पूरी बात बताऊंगा ।
कार्रवाई करेंगे.....
इस पूरे मामले में एसडीएम
शिशिर गेमावत के द्वारा चर्चा के दौरान बताया कि पूरा मामला उनके संज्ञान में है वह जल्द पूरे मामले की जांच की जाएगी।

