पेटलावद से अनिल मुथा/ हरिश राठौड़ की रिपोर्ट
पेटलावद । नगर में सर्व सुविधा युक्त एक बगीचा बनाने की वर्षों पुरानी आमजन की मांग पर नगर परिषद के कर्ताधर्ता ओं के द्वारा पहले भ्रष्टाचार की परत चढ़ा कर इस पर नया इतिहास लिखने की कोशिश की जा रही थी लेकिन नगर के नागरिक और जागरूक जनता के द्वारा नगर परिषद के इन प्रयासों पर शुरुआती तौर पर पानी फेर दिया है और नगर परिषद के प्रयासों पर विराम लगाते हुए नगर के नागरिक और जागरूक जनता के द्वारा संयुक्त रूप से आपत्ति प्रस्तुत की गई है।
यह है मामला....
उल्लेखनीय है कि पेटलावद में आमजन एवं बच्चों के लिए सर्व सुविधा युक्त एक बगीचा बनाने का वर्षों पुराना सपना रहा है वर्षों पूर्व वर्तमान अध्यक्ष मनोहर भटेवरा के कार्यकाल में लाखों रुपए खर्च करके नगर के सिविल हॉस्पिटल के पास स्थित महावीर कॉलोनी वार्ड नंबर 05 में बगीचे का निर्माण के साथ ही साथ दुकानों का निर्माण किया गया था ।लेकिन तत समय इस बगीचे और दुकान निर्माण को लेकर लगातार शिकायतें होने और भ्रष्टाचार के आरोप के चलते तथा ठेकेदारों के भुगतान के मामले में विवाद होने के चलते उक्त बगीचा लगभग 15 वर्षों से बंद होकर वीरान पड़ा हुआ था और इस बगीचे में तत समय लगाए गए लाखों रुपए खर्च करके झूले चकरी और अन्य सामान अंदर ही पड़ा हुआ था और बगीचे पर ताला लगा हुआ था ।
दुकानें बनाने का सपना....
नागरिकों की इस सपने को वर्तमान अध्यक्ष मनोहर भटेवरा के द्वारा अपने निजी हितों के लिए नगर परिषद की ओर से यह भी योजना थी कि अस्पताल के पास स्थित बगीचे में पक्की दुकानों का निर्माण किया जाएगा इस योजना को लागू करने के उद्देश्य से नगर परिषद के द्वारा वर्षों पूर्व से ताले लगे हुए सिविल हॉस्पिटल के पास बने हुए नगर नगर परिषद के इस एकमात्र पुराने बगीचे में ताले को तोड़कर उसमें रखे हुए झूला चकरी और अन्य सामान को तहसील कार्यालय के सामने बगीचे में शिफ्ट करने की योजना बनाई
दुकानों के लिए विज्ञप्ति प्रकाशित....
इसमें अपनी योजना को आगे बढ़ाते हुए एक जाहिर सूचना और विज्ञप्ति प्रकाशित की गई है जिसमें दिनांक06/09/2021 तक टेंडर आमंत्रित करते हुए इस बगीचे की बगीचे में दुकान बनाने का प्रस्ताव पारित करते हुए विज्ञप्ति जारी की गई है।
नागरिकों ने लगाई आपत्ति आपत्तियां....
परिषद की ओर से दिनांक 6 सितंबर के लिए जारी की गई विज्ञप्ति की सूचना जब पेटलावद की आम जनता तक पहुंची तो नगर के जिम्मेदार एवं जागरूक नागरिकों के द्वारा पहल करते हुए अलग-अलग 7 लोगों ने नगर परिषद के सीएमओ मनोज कुमार शर्मा एवं पेटलावद के एसडीएम शिशिर गेमावत के समक्ष अलग-अलग लिखित आपत्ति प्रस्तुत करते हुए बगीचे के स्थान पर दुकाने नहीं बनाए जाने के संबंध में एवं बगीचे को पूर्ववत स्थापित करते हुए आमजन के लिए खोलने एवं इस बगीचे के निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की निष्पक्ष व पूरी जांच करने के संबंध में अलग-अलग लिखित आवेदन और आपत्ति तय दिनांक 6 सितंबर 2021 सोमवार को प्रस्तुत कि गयी हैं।
नागरिकों में बढ़ रहा आक्रोश....
नगर के आम नागरिकों के द्वारा अलग-अलग लिखित आपति प्रस्तुत करने के बाद नगर परिषद के अध्यक्ष मनोज भटेवरा के बगीचे के स्थान पर दुकानें बनाने के सपना जहां पूरा होता नजर नहीं आ रहा है वहीं आमजन का नगर परिषद के कर्ताधर्ता ओं के खिलाफ आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। आपत्ती कर्ताओं के द्वारा भी खुलेआम इस मामले में आर-पार की लड़ाई लड़ने की तैयारी कर ली है आपत्तिकरताओ का कहना है कि यदि प्रशासनिक स्तर से इस मामले का हल नहीं निकाला गया तो बगीचे के सामने आमजन न सिर्फ हड़ताल करेंगे बल्कि कई जन आंदोलन भी नगर में चलाए जाएंगे।
एसडीएम गेमावत से नागरिकों को आस....
इस पूरे मामले में जब आपत्ति कर्तागण एसडीएम शिशिर गेमावत से मिले तो लगभग आधे घंटे तक हुई चर्चा में आपत्तिकर्ताओ की पूरी बात ध्यान से सुनने के साथ ही साथ पूरे मामले की जांच कराने एवं आवश्यक कार्रवाई करने का आपत्ति कर्ताओं को भरोसा दिलाया है। पेटलावद की आम जनता को पेटलावद के एसडीएम एवं एवं आईएस शिशिर गेमावत से नगर में हो रहे इस मनमानी एवं भ्रष्टाचार को लेकर काफी उम्मीदें भी है।
नये भ्रष्टाचार की तैयारी....
इस संबंध में नगर परिषद के द्वारा पुराने भ्रष्टाचार को दबाने और दुकानों की बंदरबांट रेवड़ी बांटने का प्रयास करते हुए फिर से नया भ्रष्टाचार करने का प्रयास किया जा रहा है ।जबकि नियमानुसार बगीचे की जमीन पर किसी भी प्रकार का स्थाई निर्माण कार्य भी नहीं किया जा सकता ।
एसडीएम के आदेश का भी उल्लंघन....
वहीं नगर परिषद के द्वारा एसडीएमके द्वारा दिनांक 16/12 /2020 को जारी किए गए आदेश का भी सीधा उल्लंघन किया गया है बगीचे से टाइगर झूला चकरी का आज दिनांक तक वापस बगीचे में स्थापित नहीं किया गया है।
जनता की मांग रहे बगीचा, नहीं बननी चाहिए दुकान है....
प्रशासन एसडीएम और वरिष्ठ अधिकारियों से नगर की आम जनता के द्वारा मांग की जा रही है कि नगर परिषद के द्वारा नियमों को ताक पर रखकर जो मनमानी की जा रही है इसके संबंध में स्पष्ट रूप से रोक की कार्रवाई करें एवं बगीचे में पूर्व व आमजन के लिए झूला चकरी आदि लगाकर बगीचे को आमजन के लिए खोला जाए।
