पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट
पेटलावद। आगामी त्योहारों को लेकर गुरुवार शाम 6:00 बजे स्थानीय थाना परिसर में शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। शांति समिति की बैठक में पेटलावद शिशिर गेमावत एसडीओपी सोनू डावर,तहसीलदार जगदीश वर्मा, थाना प्रभारी संजय रावत, विद्युत मंडल के जितेंद्र वाघेला , एस आई लोकेंद्र चौधरी, सहित नगर के पत्रकारगण, नागरिकगण उपस्थित रहे।
शासन की गाइडलाइन के साथ मनाए जाएंगे त्यौहार....
इस बैठक में आगामी त्यौहार गणेश चतुर्थी ,ऋषि पंचमी, तेजा दशमी, डोल ग्यारस ,अनंत चौदस एवं मोरम पर्व को लेकर चर्चा करते हुए बताया गया कि सभी त्योहारों को शासन की गाइडलाइन अनुसार मनाया जाना है। सभी प्रकार के चल समारोह और जुलूस आदि पर प्रतिबंध रहेगा वही मूर्ति विसर्जन के लिए भी पोखर बनाकर विसर्जन करने की निर्णय बैठक में रखा गया ।
परिषद केजिम्मेदारों की रही अनुपस्थिति...
बैठक में जो कि लगभग 6:30 बजे पेटलावद थाना परिसर में प्रारंभ हुई इस बैठक में पेटलावद के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि,पार्षद, नगर परिषद अध्यक्ष और सीएमओ पूर्ण रूप से अनुपस्थित रहे ।
त्योहारों के लिए व्यवस्था की जिम्मेदारी परिषद की....
वही आगामी त्यौहारों को लेकर पेटलावद नगर में जो व्यवस्थाएं प्रशासन की ओर से की जानी है उसका मुख्य केंद्र बिंदु नगर परिषद ही है जो कि नगर में साफ-सफाई एवं पोकर बनाने ,सहित मूर्ति विसर्जन के लिए व्यवस्थाएं करने की जवाबदारी नगर परिषद की ही है ।
नगर परिषद के जिम्मेदारों की अनुपस्थिति बनी चर्चा का विषय...
लेकिन नगर परिषद की ओर से कोई भी जिम्मेदार अधिकारी ,कर्मचारी या जनप्रतिनिधि ,अथवा अध्यक्ष पार्षद सीएमओ, इंजीनियर,उपस्थित नहीं रहे जो नगर परिषद की ओर से इस बैठक में पोखर बनाने एवं अन्य व्यवस्थाओं को लेकर अपने दायित्व निरवहन कर सकें ।
उपाध्यक्ष पति ने ली पूरी जिम्मेदारी...
इस पूरी बैठक में आम लोगों के बीच एक जन चर्चा का विषय रहा कि नगर परिषद के वर्तमान उपाध्यक्ष माया सतोगीया के पति राजू सतो गया जो आम दिनों में भी नगर परिषद कार्यालय में लोगों के काम कराने के लिए घूमते नजर आते हैं जिनका कि नगर परिषद में प्रवेश का कोई वैधानिक अधिकार भी नहीं है ने पूरी नगर परिषद की ओर से एसडीएम महोदय के सवालों का जवाब देते नजर आए । नगर परिषद के सभी दायित्वों का निर्वहन की जिम्मेदारी भी शिक्षकों गया के द्वारा एसडीम साहब के सामने स्वयं अपने ऊपर ले ली।
सभी लोग इस बात की चर्चा कर रहे थे कि सतोगीया न तो नगर परिषद के अधिकृत कर्मचारी है और ना ही वर्तमान में पार्षद है ऐसी स्थिति में नगर परिषद की ओर से सभी दायित्वों का निर्वहन करने की जिम्मेदारी किस आधार पर ले सकते थे ?
अधिकारियों ने भी सौंप दीये दायित्व.....
यदि उनकी पत्नी माया राजू सतोगीया इस बैठक में उपस्थित होती तो यह माना जा सकता था कि वह वर्तमान में पार्षद होकर नगर परिषद की उपाध्यक्ष है। लेकिन उनकी अनुपस्थिति का कोई कारण तो पता नहीं चल सका बल्कि पूरी परिषद और अपनी पत्नी की ओर से शिक्षकों की बैठक में नगर परिषद की ओर से सारी जवाबदारी लेते नजर आए, वही बैठक ले रहे अधिकारियों ने भी परिषद की ओर से राजू सतो गया को ही सारे दायित्व सुपुर्द कर दिए जो कि आमजन में चर्चा का विषय है!
जनता के सवालों से बच रहे परिषद के जिम्मेदार....
आमजन के बीच यह भी चर्चा है कि शांति समिति की बैठक में आमतौर पर नगर के गणमान्य नागरिकों एवं पत्रकारों के द्वारा नगर की समस्याओं के मुद्दे उठाए जाते हैं और इन समस्याओं का जवाब या निराकरण की कोई जवाबदारी नगर परिषद या जिम्मेदार अधिकारियों की होती है ।ऐसी स्थिति में पेटलावद के स्थानीय जनप्रतिनिधि इस शांति समिति से अपनी कन्नी काटने लगे हैं क्योंकि यह एक ऐसा मंच होता है जहां पर पेटलावद के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन तथा सीएमओ पार्षदों और अध्यक्ष को नगर की जनता के सवालों और अव्यवस्थाओं को लेकर जवाब देना पड़ता है ।जिम्मेदार जनप्रतिनिधि जनता के सवालों और अव्यवस्थाओं से घबराकर खुले मंच से होने वाली चर्चाओं से अपना किनारा कर रहे हैं।
शाम 6:30 बजे जिले में कौन सी हो रही थी बैठक....
उल्लेखनीय है कि जब बैठक में सीएमओ साहब और अध्यक्ष की अनुपस्थिति का कारण आमजन के द्वारा जानना चाहा तो परिषद की ओर से अधिकृत श्री राजू सतोगीया के द्वारा यह भी बैठक में अधिकारियों को अवगत कराया गया कि वह सीएमओ मनोज कुमार शर्मा और अध्यक्ष मनोहरलाल भटेवरा जिले में किसी बैठक में गए हुए हैं, अब यह बड़ा सवाल उठता है कि शाम 6:30 बजे जिले में ऐसी कौन सी बैठक हो रही थी जहां पर अध्यक्ष और सीएमओ अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहे हैं?
कलेक्टर मिश्रा से नगर परिषद के कारनामों पर ध्यान देने की हो रही जन चर्चा.....
ऐसी स्थिति में नगर के गणमान्य नागरिक और पत्रकारों के द्वारा नगर परिषद की हो रही दुर्दशा और नगर में उपज रहे और असंतोष को लेकर जिला कलेक्टर सोमेश मिश्रा से स्थानीय नगर परिषद और इसके कर्ताधर्ता के कारनामों की ओर ध्यान देने की आम चर्चा शांति समिति की बैठक के बाद आमजन में हो रही थी।
इनका है कहना.....
हमारे द्वारा शांति समिति की बैठक की सूचना सुबह से ही सभी गणमान्य नागरिकों, पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों पार्षदों और नगर परिषद को दे दी गई थी।
*थाना प्रभारी संजय रावत*

