जल ही जीवन के नारों को धता बताती नगर परिषद कर रही कीड़े वाला पानी सप्लाई.... लाखों गैलन पानी बह रहा फूटी टंकियों से सड़कों और नालियों में..... जिम्मेदार को सुध लेने की फुर्सत नहीं..... आरो का कामकाज भी हुआ ठप, टंकी ओर पाइपलाइन मुंह चिढ़ा रही.....

 




पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट


पेटलावद। अपनी मनमानी के कारण हमेशा से विवादों में रहने वाली नगर परिषद अब नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ भी जमकर खिलवाड़ कर रही है। नगर परिषद की लापरवाही इस कदर हावी है कि नागरिकों को सप्लाई होने वाले पानी मे कीड़े आने लगे है। इन दिनों में नलों से सप्लाय होने वाले पानी मे बारीक छोटे-छोटे कीड़े बड़ी मात्रा में आ रहे है जो आसानी से दिखाई नही देते। लोग जब बारीक छन्नी से पानी को छानते है तो उसमें उभरकर कीड़े सामने दिखाई देते है। नलों में आने वाला पानी मटमैला, बदबूदार  होने के साथ ही अब कीड़े आने से नागरिकों में आक्रोश देखा जा रहा है। इस प्रकार का पानी आमजन के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है तथा गम्भीर बीमारियों को भी न्योता देता है। ऐसा नही है कि मामले की जानकारी परिषद के जिम्मेदारों को नही है, सब कुछ जानकर भी अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि अपनी आंखें मूंदे बैठे है। नगर परिषद द्वारा आमजन से लाखों का जलकर वसूलने के बाद भी उचित मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नही करवाई जा रही है तथा खुलकर नागरिकों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। बदबूदार पानी को लेकर हमारे द्वारा पूर्व में भी प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी लेकिन न तो परिषद के जनप्रतिनिधियों ने इस ओर ध्यान दिया और न ही प्रशासन ने मामले को गम्भीरता से लिये, नतीजन आज व्यवस्था सुधरने के बजाए ओर बिगड़ती जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार मटमैले ओर कीड़े वाली पानी से कई तरह की गम्भीर बीमारियां हो सकती है , फिर भी नगर परिषद आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने में कोई कसर नही छोड़ रही है। नगर में सप्लाई होने वाला पानी नागरिक नहाने ओर अन्य कार्यो के लिए उपयोग में लाते है किंतु अब पानी मे कीड़े आने से पानी उपयोग करने से परहेज कर रहे है।


*फिल्टर प्लांट बड़ा रहा शोभा*

पूरे नगर में बोराली तालाब से पानी सप्लाई होता है, कहने को तो वहां लाखों रुपये का फिल्टर प्लांट लगा है, जिससे पानी फिल्टर होना है, लेकिन वर्तमान में फिल्टर प्लांट शोभा मात्र बना हुआ है, बिना फिल्टर के ही नगर में पानी सप्लाई किया जा रहा है। फिल्टर प्लांट पर न तो पानी फिल्टर हो रहा है और न ही किसी प्रकार से पानी साफ करने के लिए फिटकरी ओर एलम का उपयोग हो रहा है, जिसके चलते नगर को मटमैला ओर कीड़े वाला पानी नसीब हो रहा है। इस तरह से नगर परिषद के कर्ता धर्ता नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते हुए जनता के साथ विश्वासघात करने से बाज नही आ रहे है।


*पानी खरीदने को मजबूर*

 हमेशा से नागरिक पानी टेंकरो से खरीदकर पीते है तथा जहा-जहा पानी की टँकीया बनी है वहां से पीने का पानी लाते है तथा नलों में आने वाला पानी नहाने व अन्य कार्यो में उपयोग करते है लेकिन अब नगर परिषद की ओर से सप्लाई होने वाला पानी लोग उपयोग में लाने से कतरा रहे है। मजबूर लोग नहाने के लिए भी पानी खरीदने को मजबूर हो रहे है। मटमैले ओर कीड़े वाले पानी को लेकर हमारे द्वारा नगर परिषद के सीएमओ को भी अवगत करवाया गया लेकिन उन्होंने न तो किसी प्रकार का कोई जवाब दिया और न ही इस समस्या का हल किया गया। 


*आरओ का काम अभी भी अधूरा*


नगर मे करोडो खर्च कर आरओ पाइप लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है जो आज भी अधूरा है। आरओ युक्त पानी की सौगात कब नागरिकों को मिलेगी यह भविष्य के गर्त मे दबा है। इस पाइप लाइन में भी सम्बंधित ठेकेदार की लापरवाही का खामियाजा जनता भुगत रही है। 


*लाखों गैलन पानी सड़कों बह पर रहा*


वहीं दूसरी ओर *जल बचाओ और जल ही जीवन है* जैसे नारों के साथ नगर परिषद के द्वारा पूरे नगर में सुंदर-सुंदर स्लोगन दीवारों पर लिख रखे हैं और जल बचाओ अभियान को लेकर लगातार बड़ी-बड़ी बातें नगर परिषद की ओर से की जाती है लेकिन इसी नगर परिषद और इसके जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते पेटलावद नगर के राम मोहल्ला स्थित सिनटेक्स की पानी की टंकी  जिसे कि टूटे हुए 15 दिन से अधिक का समय हो गया है जिसमें लगातार पानी भरकर व्यर्थ ही सड़क ओर नाली  में  बह रहा है।

 

 इसके अलावा राजापुरा स्थित पक्की टंकी में से भी लगातार टँकी पूरी भर जाने से  पानी बह रहा है जिसको लेकर लगातार वार्ड वासियों के द्वारा सीएमओ मनोज कुमार शर्मा को फोन पर अवगत कराया लेकिन नप के जिम्मेदारो द्वारा  इस समस्या का कोई निराकरण अभी तक नहीं किया गया है जिससे पानी बचाओ और जल ही जीवन जैसे नारों को नगर परिषद के कर्ताधर्ता खुद ही धता  बता रहे हैं।


*इनका है कहना*


इस सम्बंध में *अभिभाषक संघ के सचिव बलदेव सिंह राठौर*

ने कहा कि नगर में गन्दा ओर कीड़े वाला पानी सप्लाई हो रहा है, यह गलत है, इससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। नगर परिषद को इस ध्यान देकर समस्या का निराकरण करना चाहिए। 


*नागरिक प्रदीप कुमावत* के द्वारा बताया गया कि  जल को बचाने के लिए नगर परिषद के द्वारा कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं हजारों लाखों गैलन पानी लगातार सड़कों ओर नालीयो में  बह रहा है जिसके लिए नगर परिषद को टँकी  कि सुधार की  व्यवस्था की जानी चाहिए।




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