पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट
पेटलावद। नगर विकास के लिए गठित नगर परिषद के द्वारा पिछले 4 वर्षों में जितने कार्य किए गए या निर्णय लिए गए उन सब में कहीं न कहीं नगर परिषद की गलतियां बार-बार बाहर निकल कर सामने आती है और नगर परिषद की जमकर खिली भी नगर में उड़ती है। इस बार फिर नगर परिषद के द्वारा लिए गए एक निर्णय में नया कानूनी एवं सरकारी पेच फंसता नजर आ रहा है ।
जीर्णशीर्ण दुकानों की जगह नई बनाकर देने का हुआ था निर्णय....
उल्लेखनीय है कि पेटलावद के नया बस स्टैंड श्रद्धांजलि चौक पर वर्षों पुरानी लगभग 1978 के पूर्व की 8 दुकानें बनी हुई थी जिसमे नागरिको के द्वरा वर्षो से व्यावसाय करते हुए अपने परिवार का पालन पोषण किया जाता है।यह दुकाने जीर्णशीर्ण होने से नागरिकों की मांग और अधिकारियों के निर्देश पर नगर परिषद के द्वारा निर्णय लिया गया था की दुकानों को तोड़कर पुनः नई दुकान बनाने का निर्णय लिया था।
*दुकानदारों ने की थी मांग*
साथ ही उन दुकानों में वर्षों से व्यवसाय कर रहे दुकानदारों के द्वारा दुकान खाली करवाने से पूर्व नगर परिषद के सामने अपनी रोजी-रोटी की समस्या को बताते हुए पुनः उन्हें ही दुकान दिए जाने की मांग की गई थी।
*हुआ था बेठक में तय*
इस पर से नगर परिषद के द्वारा इन दुकानों को तोड़ कर पुनः उन्ही दुकानदारों को दुकान देने की बात को स्वीकार करते हुए बेठक कर नगर परिषद के द्वारा निर्माण करते हुए लागत मूल्य पर दुकानदारों को ही को दुकान देने की बात कहीं गई थी जिसके बाद दुकानदारो ने लागत मूल्य की कुछ राशि परिषद में जमा करने के बाद ही दुकाने खाली की गई थी,जिनको पुनर्निर्माण अभी मोके पर चल रहा है।
*की थी भोपाल शिकायत*
अब इस पूरे मामले में एक नया पेच फस गया है पेटलावद नगर के जागरूक नागरिक एवं भाजपा के पूर्व जिला मंत्री चंदन एस . भंडारी के द्वारा 20 सितंबर 2021 को संचालक महोदय नगरी प्रशासन कार्यालय भोपाल को एक आवेदन पत्र सौंपते हुए मांग की थी कि नगर परिषद की 1978 में संस्था द्वारा सात दुकानों का निर्माण किया गया था और इन व्यापारियों को बिना नीलामी तथा बिना प्रीमियम के एक्यूप्रेशर राईट के तहत 11 माह के लिए किराए पर दी गई थी और किसी भी प्रकार का कोई आरक्षण या नीलामी नहीं किया गया था। इसलिए नगर परिषद को वर्तमान में जो दुकानें तोड़कर फिर से बनाई जा रही है उन दुकानों की फिर से नीलामी किया जाना चाहिए यदि नगर परिषद इन दुकानों की नीलामी नहीं करती है तो संस्था को करोड़ों रुपए के राजस्व की नुकसानी भी हो रही है ।
*भोपाल से जारी हुआ निर्देश*
चंदन एस. भंडारी के द्वारा 20 सितंबर को दिए गए आवेदन पत्र पर संचालनालय नगरीय प्रशासन एव विकास विभाग भोपाल के द्वारा बड़ा निर्णय लेते हुए दिनांक 6 अक्टूबर 2021 को एक पत्र जारी करते हुए नगर पालिका अधिकारी पेटलावद को निर्देश जारी किया है, जिसमें चंदन एस. भंडारी के द्वारा दिए गए आवेदन के अनुपालन में निर्देशित किया गया है न्यू बस स्टैंड पर स्थित दुकानो को नीलाम करते हुए की जा रही अग्रिम कार्यवाही की जानकारी भी नगर परिषद संचालन नगरी प्रशासन विभाग भोपाल को अवगत कराए जाने का पत्र जारी किया गया है । जिसकी प्रति आज शिकायतकर्ता चन्दन एस. भंडारी को मिल चुकी है। और पूरे मामले में नया मोड़ गया है।
*कार्यवाही के निर्देश*
इस तरह दुकानों को तोड़कर फिर से बनाई बनाई जा रही दुकानों को नीलामी एवं आरक्षण के आधार पर निलामी किए जाने का निर्देश नगर परिषद को दिया गया है ।
फस गया पेच....
यदि नगर परिषद नगरीय प्रशासन विभाग के इस निर्देश को मानती है तो कहीं ना कहीं इससे नगर परिषद के द्वारा सशर्त दुकाने निर्मित कर दुकानदारो को वापस देने का करार किया था वह करार नही हो पायेगा ओर दुकानदारो के हित प्रभावित होंगे, इस तरह से पूरे मामले में दोनों पक्ष के पेच फंसते नजर आ रहे हैं आने वाले दिनों में नगर परिषद इस पूरे मामले में क्या निर्णय लेती है यह हम आपको पुनः रूबरू कर बताएंगे । लेकिन तब तक नगरीय प्रशासन विभाग भोपाल का पत्र नगर पालिका एवं दुकानदारों पर एक विस्फोटक बम की तरह गिरा है
होना चाहिए नीलामी....
इस पूरे मामले में पूर्व जिला मंत्री भाजपा चंदन एस. भंडारी के द्वारा बताया गया कि चर्चा के दौरान बताया गया कि नगर परिषद को नियमानुसार दुकानों का नीलामी करना चाहिए जिससे न सिर्फ संस्था को राजस्व की प्राप्ति हो बल्कि गरीब एवं आरक्षण पद्धति से बेरोजगार लोगो को व्यवसाय करने का अवसर मिल सकें।